【 RNI-HIN/2013/51580 】
【 RNI-MPHIN/2009/31101 】
25 Dec 2025

ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों में प्रथम रिस्पांडर्स को सीपीआर प्रशिक्षण,
Anam Ibrahim
7771851163
हादसों की फ़ैक्ट्री में आज पहली बार ज़िंदगी की मरम्मत के आगाज़ की सुरवात,
जबलपुर की सड़कों पर मौत रुटीन थी, आज उसे रोकने की कोशिश कवयाद .....
जनसम्पर्क Life
जबलपुर/मप्र:
ब्लैक स्पॉट पर ज़िंदगी की सीपीआर, और सिस्टम की धड़कनें जबलपुर में इन दिनों ज़िंदगी को यूँ समझाया जा रहा है जैसे वह सरकारी फ़ाइल हो अगर वक़्त पर दस्तख़त हो जाएँ तो चल पड़ती है, वरना “देरी के लिए खेद है” लिखकर रद्दी में डाल दी जाती है। मगर 24-12-2025 को पुलिस महकमे ने ठान लिया कि इस बार सिर्फ़ काग़ज़ों की नहीं, इंसानों की भी धड़कनें गिनी जाएँगी।
पुलिस मुख्यालय के हुक्मनामे और पुलिस अधीक्षक जबलपुर जनाब सम्पत उपाध्याय (भा.पु.से.) की सरपरस्ती में, सड़कों के उन बदनाम कोनों जिन्हें बड़े अदब से ब्लैक स्पॉट कहा जाता है पर ज़िंदगी को दोबारा सांस लेना सिखाया गया।
लम्हेटा बायपास और सूपाताल जैसे मुक़द्दस हादसागाहों पर यातायात थाना प्रभारी गढ़ा पूर्वा चौरसिया, सूबेदार मनीष पयासी, सउनि रामभूपत पटेल, आरक्षक अवधलाल और ब्रह्मेश्वर की मौजूदगी में डॉक्टरों की एक फ़ौज उतरी डॉ. तरुण कुमार, डॉ. आशिया, डॉ. कमलप्रीत, डॉ. मुकेश साकेत और उनकी टीम।
यहाँ लोगों को बताया गया कि जब हादसा होता है, तो एम्बुलेंस से पहले पड़ोसी पहुँचता है। यानी मुल्क का पहला रिस्पांडर कोई वर्दी नहीं, बल्कि वही आम आदमी होता है, जो आम तौर पर हर मामले में आख़िरी नंबर पर रखा जाता है। अगर वही आदमी सही वक़्त पर सही तरीक़े से सीपीआर दे दे, तो लाश बनने से पहले ज़िंदगी को मनाया जा सकता है।
इसी सिलसिले में सूबेदार वीरेन्द्र आरख, प्रधान आरक्षक इरफान ख़ान और आरक्षक नितिन यादव (थाना यातायात गढ़ा) की निगरानी में, नोबल मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल, गौर के डॉ. हर्ष कुशवाहा, नर्सिंग स्टाफ़ अक्षत राज और काजल वर्मन ने होटल पसरीचा, एकता मार्केट, शारदा मंदिर बरेला, बाबा ढाबा बरेला जैसे ब्लैक स्पॉट इलाक़ों में रहने वाले रहवासियों को ज़िंदगी का फ़ॉर्म भरना सिखाया।
गुमटी चलाने वाले, पान ठेला संचालक, ऑटो चालक यानी वही लोग जिनकी गवाही हर हादसे में होती है, मगर जिनकी सुनवाई कभी नहीं सबको सीपीआर का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
यह दृश्य अपने आप में व्यंग्य था: जहाँ कल तक लोग हादसे पर भीड़ लगाकर तमाशा करते थे, वहाँ आज वही हाथ सीने पर दबाव डालकर जान बचाने की रिहर्सल कर रहे थे। सिस्टम शायद पहली बार समझ पाया कि जनता सिर्फ़ आँकड़ा नहीं, सांस लेती हुई सच्चाई है।
आख़िर में जबलपुर पुलिस ने संस्कारधानी वासियों से अदब से गुज़ारिश की कि हेलमेट और सीट बेल्ट को दुश्मन न समझें, गाड़ी की फ़िटनेस और बीमा को काग़ज़ी झंझट न मानें, और सफ़र को शौक़ नहीं, ज़िम्मेदारी समझें।
कुल मिलाकर खबर यह नहीं है कि सीपीआर सिखाया गया।
खबर यह है कि मुल्क में पहली बार यह माना गया कि जब सिस्टम बेहोश हो जाए, तो आम आदमी ही उसे सीपीआर देकर ज़िंदा रखता है।
और यही हकीकत है
मध्यप्रदेश जुर्मे वारदात गम्भीर अपराध ताज़ा सुर्खियाँ खबरे छूट गयी होत
ससुर-बहु की लव स्टाेरी का दर्दनाक अंत, प्रेमी ने ले ली प्रेमिका की जान
India sends 19 satellites to space along with PM's photo and e-Bhagavad Gita
IPS Kailash Makwana appointed as DG, Lokayukta Madhya Pradesh
Four wheeler thief gang busted by Bhopal Crime Branch
अधूरे लिबाज़ में आधा नंगा बदन लिए फ़रियादी बन पहुचे पढ़े -लिखे गवार राजधानी!!
MP09 series exhausted for Indore vehicles, transport department officials working on alternatives
DM Ujjain reviews preparations at Ujjain's Mahakal Mahalok to setup 5G services first in MP
शहीद एएसआई गौतम के परिवार से मिले डीजीपी, एक करोड़ की सहायता राशि और नौकरी का आश्वासन
आधा दर्ज़न पाईप चोरों को मय मशरुका के थाना बरेला पुलिस ने किस तरह दबोचा?
जबलपुर, मंदसौर अब पुलिस अस्पताल बने कोविड केयर सेंटर!
Digvijay Singh and Congress Workers face FIR, police says Congress Workers along with Singh breached section 144
PTRI organises seminar to discuss fast-track method in claim cases with 11 insurance companies
मुखबिर के सहारे लाखो के मोबाईल के साथ चोर भी चढ़े पुलिस के हथते!!!
थाना लॉर्डगंज में ‘ख़ामोशी’ का काउंटर खुला,अब मूक-बधिर इशारों में दर्ज करवा सकेंगे FIR!
Ratibad police nabs ‘Jilabadar’ criminal Bablu Chambal with 315 bore katta and 2 live cartridges
Total Visitors :- 384651