सामाजिक शहंशाहत के सुल्तान आरिफ मसूद को सालगिरह का सलाम

भोपाल। वक्त फितरत के हिसाब से लम्हे लम्हे में कदम बढ़ा कर आगे बढ़ता रहता है लेकिन उस वक्त में ज्यादातर इंसान सिर्फ जिंदगी ही गुजार पाते हैं आगे नहीं बढ़ पाते लेकिन जब खुदा किसी इंसान को कायनात की खिदमत के लिए आगे बढ़ाना चाहता है तो उसकी वक्त से भी चार कदम बढ़ती शख्सियत आगे चले जाती है। यही हाल भोपाल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आरिफ मसूद का भी हैं जिनकी शख्सियत कुदरत रह रह कर निखारती चले जाती है। हमदर्दों के दर्द की दवा, मजलूम की आवाज,…

सामाजिक शहंशाहत के सुल्तान आरिफ मसूद को सालगिरह का सलाम

भोपाल। वक्त फितरत के हिसाब से लम्हे लम्हे में कदम बढ़ा कर आगे बढ़ता रहता है लेकिन उस वक्त में ज्यादातर इंसान सिर्फ जिंदगी ही गुजार पाते हैं आगे नहीं बढ़ पाते लेकिन जब खुदा किसी इंसान को कायनात की खिदमत के लिए आगे बढ़ाना चाहता है तो उसकी वक्त से भी चार कदम बढ़ती शख्सियत आगे चले जाती है। यही हाल भोपाल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आरिफ मसूद का भी हैं जिनकी शख्सियत कुदरत रह रह कर निखारती चले जाती है। हमदर्दों के दर्द की दवा, मजलूम की आवाज,…