महिला थाना: मनमुताबिक दहेज न मिला तो दानव बना पति…महिला पहुंची थाने

भोपाल। आजकल दहेज की प्रथा अत्यधिक दुखदायी बनी हुई है। दहेज के लोभी…दहेज के लिए किसी भी हैवानियत की हद को पार कर देते हैं। दहेज प्रथा समाज के लिए अभिशाप बन गया है, यह एक सामाजिक कलंक है। सभी लोग इससे दुखी हैं, साथ ही कुछ लोग इससे बेतरह चिपके हुए हैं। कुत्ता जैसे सूखी हड्डी चबाने से अपने ही गलफटे छिलने से निकले हुए खून को पीकर प्रसन्न होता है और इस दुखदायी हड्डी को छोड़ना नहीं चाहता। वही बात दहेज प्रथा के सम्बन्ध में कही जा सकती…

महिला थाना: मनमुताबिक दहेज न मिला तो दानव बना पति…महिला पहुंची थाने

भोपाल। आजकल दहेज की प्रथा अत्यधिक दुखदायी बनी हुई है। दहेज के लोभी…दहेज के लिए किसी भी हैवानियत की हद को पार कर देते हैं। दहेज प्रथा समाज के लिए अभिशाप बन गया है, यह एक सामाजिक कलंक है। सभी लोग इससे दुखी हैं, साथ ही कुछ लोग इससे बेतरह चिपके हुए हैं। कुत्ता जैसे सूखी हड्डी चबाने से अपने ही गलफटे छिलने से निकले हुए खून को पीकर प्रसन्न होता है और इस दुखदायी हड्डी को छोड़ना नहीं चाहता। वही बात दहेज प्रथा के सम्बन्ध में कही जा सकती…