RBI के टकसाल पर भारी पड़ते साधारण प्रिंटर उगल रहे है हूबहू भारतीय मुद्रा!!!

मध्यप्रदेश: इन दिनों प्रदेश भर में नकली नोट माफियाओं के हौसले हद पार कर जाने पर उतारू हैं और होए भी क्यों ना जब नक़ली असली नोटों के बीच का फ़र्क़ ही भांपने में RBI असफ़ल होते जा रही है। बार बार लगातार देश के हज़ारों बैंको के काउंटर पर असली के साथ नकली नोट भी जमा हो जा रहे हैं और सेकड़ो बैंको के एटीएम असली के साथ साथ खुद नकली नोट भी उगल रहे हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता हैं कि आखिर थ नकली नोट देश मे आ कहा से रहे हैं? या पाकिस्तान नकली नोटों की खेप भारतीय सीमा के भीतर खपा रहा हैं या और कोई विदेशी ताकते देश की अर्थ व्यवथा चरमराने की मंशा से नकली नोटों की खेप भारतीय ज़जीरों पर उतार रही हैं। इन तमाम दावों व दलीलों को झुठलाते साधारण घरेलू प्रिंटर हल्ला मचा मचाकर कह रहे हैं कि भारतीय रिज़र्व बैंक की टकसाल से ज़्यादा अच्छे व हूबहू असली नोट हमारा घरेलू प्रिंटर छाप रहा हैं जिसका उदहारण मध्यप्रदेश में आज हुई एस.टी.एफ पुलिस के द्वारा प्रेस कांफ्रेंस में नकली नोटों को देख कर लगाया जा सकता हैं।

भोपाल/इंदौर: इंदौर एस.टी.एफ ने नकली नोटों का जखीरा पकड़ने में फाइनेंस कंपनी की आड़ से चल रहे नकली नोटों को छापने वाले गिरोह के 3 आरोपियों की धड़पकड़ में सफलता हासिल की हैं।
मुखबिर से सूचना प्राप्त होने पर यह पाया गया की इंदौर स्थित आर.एन.टी मार्ग के शाम टॉवर की दूसरी मंजिल पर देवास के युवकों द्वारा फाइनेंस कंपनी की आड़ में नकली नोटों का बड़ा कारोबार किया जा रहा था। इन रुपयों को आस पास के बाजारों में भी चलाया जा रहा था। बिजासन कॉलोनी स्थित रुद्र चौहान अपने साथियो के साथ पुलिस को देख जाली नोट जलाते हुए पकड़ा गया। एस.टी.एफ इंदौर ने घटना स्थल से जाली नोट को छापने में प्रयुक्त कलर प्रिंटर को एवं 1,83,600 के नकली नोट भी जप्त किये गए। आरोपी रुद्र के पास से तीन अलग अलग जन्म दिनांक के पेन कार्ड भी बरामद हुए हैं।
आरोपी से पूछताछ में यह पता चला कि उसका साथी दिलीप चौहान ईटावा में तांत्रिक क्रिया करत हैं। तांत्रिक क्रियाओं में प्रयुक्त होने वाली नागमणि खरीदने के लिए 11 लाख के जाली नोट तैयार किए थे लेकिन कुछ कारण वश सौदा नही हो पाया। बता दे कि विशेष पुलिस महानिदेशक एस.टी.एफ/साइबर सेल पुरुषोत्तम शर्मा द्वारा एस.टी.एफ की समस्त इकाइयों को संगठित गिरोह पर प्रभावी कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया था। टीम का नेतृत्व एस.टी.एफ इंदौर गीतेश कुमार गर्ग ने किया।

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