PS शाहजहांनाबाद: गरीबी और बीमारी से तंग आकर शख्स ने लगाई फांसी

भोपाल। एक और जहां महँगाई के दौर में लोग अपनी रोज़मर्रा की जरूरतें पूरी नहीं कर पा रहे हैं तो वहीं दूसरी और गम्भीर परिस्थितियों के आम जीवन में शिरक़त करते ही आम आदमी चिंता के चक्रव्यूह में इतना फंस के फिसल रहा है कि चिता पर लेटने को मजबूर होता चला जा रहा है राजधानी में हर रोज किसी न किसी थाना क्षेत्र में मौत को गले लगा खुदखुशी करने के मामले थम नहीं रहे हैं जो बड़ी चिंता का विषय है। भोपाल के शाहजहांनाबाद थाने में मौत के फंदे पर झूलने का मामला सामने आया है जहां एक व्यक्ति ने गरीबी, बेरोजगारी और बीमारी के चलते फांसी का फंदा गले में डाल अपनी जान गवां दी। बहरहाल बतौर दस्तूर-ए-रिवाज़ शाहजहांनााबद थाना पुलिस ने मृग कायम कर जांच का सिलसिला शुरू कर दिया है।

jansamparklife.com को मिली जानकारी के अनुसार, 35 वर्षीय पवन बाथम पुत्र अम्बाराम बाथम सिलावटपुरा शाहजहांनाबाद में रहता था। उसके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। उसकी पत्नी मीना बाथम स्कूल में साफ सफाई का काम करती है। घर का खर्चा वही उठाती है। पवन पहले ड्राइवरी का काम करता था। लेकिन कुछ वक्त से वह बेरोजगार था। कुछ दिन से उसके पेट में दर्द की शिकायत होने लगी थी। जिसके इलाज में खर्चा आ रहा था। बेरोजगारी और गरीबी के चलते वह अपना इलाज नहीं करवा पा रहा था।

कल मंगलवार को पत्नी और बच्चे स्कूल चले गए थे। वह घर पर अकेले था। उसने घर में फांसी का फंदा बनाकर खुदकुशी कर ली। जब उसका बड़ा बेटा घर आया तो उसने पिता को फांसी पर लटके देखा। उसने इसकी जानकारी मां को दी। तुरंत घर पहुंची पत्नी ने इसकी सूचना पुलिस को दी।

सूचना पर पहुंची पुलिस ने मृग कायम कर शव को पीएम के लिए भेज दिया। पुलस को मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ ​है जिससे मौत के असली कारणों का पता चलता। पुलिस पूछताछ में मीना ने बताया कि पवन बेरोजगार थे, उनको पेट दर्द की शिकायत होने लगी थी लेकिन आर्थिक तंगी के चलते वह इलाज नहीं करवा पा रहे थे जिसके चलते वह परेशान थे। पवन कई बार खुदकुशी करने की बात कह चुका था। फिलहाल पत्नी के बयानों को ही पुलिस मौत के कारण मानकर चल रही है।

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