PS निशातपुरा: पीएम आवास योजना के तहत मकान सस्ते में दिलाने का झांसा देकर सवा 7 लाख ऐंठे

भोपाल। राजधानी भोपाल के निशातपुरा इलाके में कई लोगों के साथ ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने खुद को भोपाल विकास प्राधिकरण (बीडीए) का अफसर ​बताकर सवा सात लाख रुपए ऐंठ लिए। जालसाजों ने उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बीडीए के प्रोजेक्ट में सस्ते दाम में मकान दिलाने का वादा किया था। निशातपुरा पुलिस ने दोनों जालसाजों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है और मामलेे की जांच शुरू कर दी है।

jansamparklife.com को मिली जानकारी केे अनुसार, रवि सोनी करोंद में रहता है। वह आभुषण की दुकान पर काम करता है। साल 2014 में उसकी मुलाकात पंचवटी कॉलोनी निवासी भानू प्रताप सिंह से हुई। भानू अपने भांजे गोविंद राजपूत के साथ प्रोपर्टी डीलिंग का काम करता है। भानू ने रवि से कहा कि उसका भांजा बीडीए में अफसर है। भानू ने रवि से कहा कि नवीबाग में प्रधानंत्री आवास योजना के तहत बीडीए मकान बनवा रहा है। मकानों की कीमत 3 लाख रूपए है। लेकिन उसका भांजा बीडीए में अफसर है तो वह उसे आधी कीमत में मकान दिलवा देंगे। लेकिन 60 हजार रूपए नगद देना होगा।

सस्ते में मकान मिलने का सुनकर रवि झांसे में आ गया। और उसने 21 फरवरी 2014 को गोविंद और भानू को 60 हजार रूपए नगद दे दिए। आरोपियों ने कहा कि अगस्त 2015 में मकान का पजेशन मिल जाएगा। आरोपियों ने बीडीए की रसीद और अनुबंध भी दिया। सस्ते मकान की बात रवि ने अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को भी बताया। सभी लोग झांसे में आ गए और इस तरह 12 लोगों ने 60—60 हजार रूपए नगद दे दिए। गोविंद और भानू उन लोगों को साइट पर ले जाकर मकान दिखाते भी थे। लेकिन जब मकान का आबंटन हुआ तो रवि ने उन लोगों से सवाल पूछे तो वह लोग घुमा फिराकर जवाब देने लगे।

रवि को ठगी का एहसास हुआ तो वह संबंधित निशातपुरा थाने पहुंचा और लिखित शिकायती आवेदन दिया। पुलिस इस मामले में बीडीए दफ्तर पहुंची जहां पता चला कि रसीदें फर्जी थीं बीडीए ऐसी कोई रसीद नहीं देती। और बीडीए पीएम आवास योजना के लिए कोई आवंटन नहीं करती। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी भानू प्रताप और गोविंद राजपूत के खिलाफ आईपीसी की धारा 406, 420 के हतहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

Related posts