PS कमलानगर: दुष्कर्म के बाद 9 साल की मासूम की हत्या, लापरवाही बरतने पर 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां कमला नगर इलाके में आज रविवार को 9 साल की बच्ची का शव नाले में मिला। पीएम रिपोर्ट में दुष्कर्म के बाद बच्ची का गला दबाकर हत्या करने की बात सामने आई है। इस मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। बच्ची शनिवार रात घर के करीब से लापता हुई थी। परिजन कमलानगर थाने पहुंचे और शिकायत की। लेकिन पुलिस ने मामले को जरा भी गंभीरता से नहीं लिया और परिजनों को थाने से भगा दिया। परिजनों ने पड़ोस में रहने वाले विष्णु और उसके परिवार पर शक जताया था। तब भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। यदि वक्त रहते बच्ची को तलाश कर लिया जाता जो उसकी जान बच सकती थी। लापरवाही बरतने पर एक हवलदार और चार सिपाहियों को निलंबित किया गया है।

मिली जानकार के अनुसार, 9 साल की बच्ची मंडवा झुग्गी बस्ती नेहरू नगर में रहती थी। कल शनिवार रात को बच्ची करीब 8 बजे घर के पास दुकान पर सामान लेने गई थी। जब वह काफी देर तक नहीं लौटी तो परिजन ने तलाश शुरू की। काफी देर तक बच्ची के नहीं मिलने पर परिजन थाने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने केस दर्ज करने से मना कर दिया और वहां से भगा दिया। परिजनों ने संदेहियों पर शक भी जताया था लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।पुलिस के गैरजिम्मेदाराना रवैये को देखते हुए परिजनों ने इलाके के पार्षद मोनू सक्सेना को सारी बात बताई। पार्षद ने फोन पर पुलिस को बच्ची ढूंढने के लिए कहा तो पुलिस ने परिजनों के घर जाकर कहा कि अभी सो जाओ सुबह बच्ची को ढूंढेंगे। लेकिन बेचेन परिजन रात भर बच्ची को तलाश करते रहे। लेकिन वह नहीं मिली।

आज रविवार सुबह उसका शव नाले में पड़ा मिला। पुलिस ने मृग कायम कर जांच शुरू कर दी है।। लापरवाही बरतने पर डीआईजी इरशाद वली ने ASI देव सिंह, हवलदार नरेद्र, जगदीश, सिपाही रूप सिंह, प्रहलाद, वीरेंद्र और एक अन्य को कर दिया है। इस घटना के बाद से ही पूरे भोपाल के लोगों में गुस्सा है। पुलिस के अमानवीय चेहरे से सब नाराज हैं। जिसके चलते हालातों को काबू करने के लिए आस-पास के इलाकों में भारी पुलिस बल और एसटीएफ की टीम तैनात कर दी है।

भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा, जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा पीड़ित परिजनों से मिलने उनके घर गए और आरोपियों को सजा दिलवाने का वादा किया। पीसी शर्मा अस्पताल भी गए थे उन्होंने माना कि अगर पुलिस सही तरीके से काम करती तो बच्ची की जान बचाई जा सकती थी। गृह मंत्री बाला बच्चन ने बच्ची की मौत पर दुख जताया है। उन्होंने कहा है कि संदिग्ध आरोपी विष्णु की पहचान की गई है। वह पीड़ित परिवार के घर के पास ही रहता है। पुलिस ने उसके परिवार के सदस्यों को हिरासत में लिया है।

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