MP Tourism चंपक बंगलो बाइकर्स गैंग में हुआ गैंगवार, गनमैन ने दागी गोली!!

Anam Ibrahim
Salman khan

मध्यप्रदेश: पचमढ़ी दुनियाभर के कई मुल्कों के क़दम जहां सुकून की तलाश में खूबसूरत पहाड़ो पर वक़्त गुज़ारने आते हैं तो वहीं छत्तीसगढ़ के रईसज़ादों की हल्ला माचाऊ बाइकर्स टोली ने शांती के टापू पर ख़ौफ़ का कोहरा बिखेर दिया!

मामला मध्यप्रदेश शासन के #MP टूरिज़्म डिपार्टमेंट की मशहूर होटल चंपक बंगलो का है जहां 3 दिन पूर्व से छत्तीसगढ़ के कई बड़े बिजनेसमैन बाइकर्स की गैंग राइडिंग कर के पहुँची थी। शनिवार रात जैसे ही शाम के जाम ने शमा बांधा वैसे ही कॉकटेल महफ़िल सज गई। प्यालो पर प्याले जब सब के हलक के नीचे उतर गए तो एक दूसरे की हुई राई के दाने के बराबर की भी (बुराई) एब धूपगढ़ के पहाड़ की तरह नज़र आने लगी, तभी तेज़ मियूजिक में झूमते कपिल कक्कड़ की निगाह पार्टी में अपने साथी ओबेरॉय पर पड़ी जिसके होंटो में फंसी सिगरेट को बॉडीगार्ड धर्मपाल सिंह फुलटू नशे की हालत में लाइटर से सुलगा रहा था। तभी नशे से तर कपिल कक्कड़ ने उँगली कर विरोधी भाषा में गरज़ ग़दर मचाना शुरू कर दिया। कपिल ने महज़ इस बात को मुद्दा बनाया की ओबरेराय का गार्ड पार्टी मे कैसे आ गया? इसे पार्टी से बेदख़ल करो परन्तु कपिल की बात को कॉकटेल पार्टी के नुमाइंदे तो महत्व नही दे पाए लेकिन ओबेरॉय व उसके नशे में मदहोश होते गार्ड ने दिल पर लेली। फिर क्या था नशेले बाइकर्स के बीच दोनों ही दिखावेदार दहाड़ मारने लगे। बहस ही बहस में ओबेराय और उसका बॉडीगॉर्ड इतने जज़्बाती हो गए कि आपे से बाहर हुए ओबेरॉय ने गार्ड को गोली चलाने की ताकित कर डाली गनमैन धर्मपाल ने कपिल कक्कड़ के सर पर बन्दूक की नाल तान के गर्म लोहा दाग दिया। कपिल के सर के अंदर गोली जाते ही दम बाहर हो गया जिसके बाद लम्बे वक़्त के लिए शोर-शराबेदार पार्टी में ख़ौफदार सन्नाटा पसर गया। कपिल की लाश को देख होश में आए ओबरेराय व बॉडीगॉर्ड मौक़े से 9 दो 11 होने का मन बना पचमढ़ी के पहाड़ो की सड़कों पर करोड़ो रूपये की महेंगी बाइक दौड़ाकर भागने लगे लेकिन पचमढ़ी पुलिस ने मटकुली के पास ही सरकारी वाहन से सपडाकर दबोच लिया , इधर कपिल कक्कड़ की मौत की ख़बर सुनते ही कपिल की पत्नी व दो मासूम बच्चे सदमे से सहम गए। बहरहाल शांति के शिखर पर बसी इस बस्ती पचमढ़ी पर इन दिनों असुरक्षा का साया मंडरा रहा है, टूरिस्ट तो टूरिस्ट आम रहवासी के साथ कब कौनसी वारदात गुज़र जाए कुछ कहा नही जा सकता। फिलहाल पचमढ़ी का सफ़र करने वाले पहाड़ी रास्तों के अंजान आदमखोर जानवर से ही नही बल्कि साथ जाने वाले साथी से भी सम्भल कर चौकन्नेपन से पेश आए क्या पता पचमढ़ी में चल रही ग़ुस्सेली हवा आप के साथी को ही आप की जान लेने पर मज़बूर कर दे और हमेशा के लिए पचमढ़ी में ज़िन्दगी छोड़ आओ।

इबरत….
सफ़र करें सुरक्षित करें।

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