DSP और महिला हवलदार के दरमियां लम्बे वक़्त से क़ायम थे प्रेमसंबंध!!!

*≈अनम इब्राहिम≈*

“`ख़ाकी की लव-लीला: विधवा माँ के आशिक़ की ज़ागीर हथियाने पर उतारू माँ के दलाल बेटे ने सहारा देने वाले DSP के जिस्म में दाग़ा गर्म लोहा!!!!“`

*―जनसम्पर्क-life―*

*मध्यप्रदेश:* भोपाल कल रात नए शहर के थाना अवधपुरी इलाक़े में हुई दहशतनुमा क़त्ल की वारदात ने एक और जहां आम रहवासियों को असुरक्षा के घेरे में घेर कर पुरी तरह ख़ौफ़ज़दा कर दिया तो वहीं ख़ाकी के खेमों में बसी बस्तियों के हरनुमाइंदों को शर्मिंदगी से तर भी कर दिया! मामला बुधवार रात तक़रीबन 7:30 बजे के आसपास का है जब PHQ में पदस्थ DSP गोरेलाल अहिरवार के घर में घुसकर महिला हवलदार के बेटे हिमांशू प्रताप सिंह ने गोली मारकर हत्या कर दी।

दरअसल 84 बेच के सब इंस्पेक्टर पद से पुलिस में भर्ती होने वाले गोरेलाल के जीवन में ज़लज़ला तभी आ गया था तब शादीशुदा गोरेलाल की माशूका एक महिला हवलदार बन गई थी। महिला हवलदार द्वारा DSP गोरेलाल को प्यार की पाठशाला में बैठा माल बटोरने की कारगुज़ारी खुद पुलिस महकमे में ज़ुबा दर ज़ुबां एक दूसरे को सुनाई जा रही थी। कुछ समय पूर्व DSP गोरेलाल की पहली पत्नी को जब अपने पति व महिला हवलदार के बीच नाजायज़ रिश्ते की भनक लगी तो पहली पत्नी द्वारा DSP के दफ़्तर में हंगामा भी खड़ा करा गया था। परन्तु परिवारिक विरोध के बावज़ूद भी गोरेलाल और महिला हवलदार के बीच पनप रहा नाज़ायज रिश्ता ख़त्म नहीं हो सका। गोरेलाल द्वारा महिला हवलदार को रातिबड़ में मकान व अन्य क़ीमती वस्तुएं लगातार दिलवाई जा रहीं थीं। साथ ही DSP गोरेलाल से महिला हवलदार का बेटा हिमांशु भी बतौर माँ की भाड़ वसूल रहा था। लम्बे वक़्त से DSP गोरेलाल अहिरवार से महिला हवलदार का बेटा पैसे बटोर रहा था जैसे जैसे वक़्त गुज़रता जा रहा था वैसे वैसे अपनी माँ के यार DSP गोरेलाल से माल हथियाने का लालच भी हिमांशु के अंदर बढ़ता चला जा रहा था। कुछ समय से हिमांशु द्वारा लगातार DSP गोरेलाल पर प्रॉपटी में हिस्सा देने को लेकर दबाव बनाया जा रहा जिसे देख गोरेलाल मन ही मन अपने किए पर पछतावा कर रहे थे। गोरेलाल महिला हवलदार से तर्को तआल्लुक ख़त्म करना चाह रहे थे परन्तु ये बात हिमांशु को नागवारा गुजरने लगी। हिमांशु को डर था कि अगर उसकी माँ का गोरेलाल से चल रहा चक्कर ख़त्म हो गया तो वो माँ के यार से आगे दलाली वसूल नहीं कर पाएगा। कल शाम भी कुछ यूं ही हुआ हिमांशु ने DSP गोरेलाल को फ़ोन पर धमकाते हुए प्रॉपटी में हिस्सा मांगा जिस बात को गोरेलाल द्वारा स्वीकार नहीं किया गया तो हिमांशु गुस्से में आकर आग बबूला हो उठा और बिना वक़्त गवाए देशी कट्टे के साथ गोरेलाल के घर अवधपुरी जा पहुंचा। उस दौरान गोरेलाल के घर पर उसकी बेटी व बहु मौज़ूद थी। जहां हिमांशु और गोरेलाल के बीच लम्बी बहस चली जब बहस झगड़े में तब्दील होने लगी तो हिमांशु ने गोरेलाल पर देशी कट्टा तान दिया। लिहाज़ा बढ़ते विवाद को देख गोरेलाल की बेटी ने हिमांशू को समझाकर घर से बहार निकालने की कोशिश की परन्तु घर से बाहर निकलने के बाद हिमांशू फिर वापस गोरेलाल के घर में दाख़िल हो गया और कट्टा निकाल गोरेलाल पर गोली दाग़ दी व मौक़े से भाग निकला।

इधर घायल ससुर को देख बहु ने गोरेलाल के बेटे संतोष को फ़ोन कर जल्दी से घर आने का कहा। बेटे द्वारा तत्काल ही पिता गोरेलाल को निजी चिकित्सालय ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने गोरेलाल को मृत क़रार दे दिया। DSP गोरेलाल की मौत पर थाना अवधपुरी पुलिस द्वारा अपराध क्र. 152/19 के तहत दफ़ा 452,302,34 का मुक़दमा दर्ज़ कर लिया गया और अपराधी हिमांशु प्रताप सिंह को दबोचने के लिए रूप रेखा तैयार की जाने लगी……………

 

Related posts