नानकाना साहिब के दर्शन में नही लगेगा वीजा, 22 सितंबर से यात्रा के लिए खुल जायेगा रास्ता

कानपुर। सिख समुदाय के ईष्ट गुरूनानक देव जी का जन्म पाकिस्तान में हुआ था। उनकी पवित्र जन्मस्थली पर दर्शन के लिए भारत से जाने वाले सिख समुदाय के लेागों को बीजे की आवश्यकता होती थी, लेकिन अब ऐसा नही होगा, क्योंकि पाकिस्तानी सरकार द्वारा गुरूनानक देव जी की जन्मस्थली पर दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओ हेतु बीजा समाप्त कर दिया गया है। बतातें चलें कि अभी तक भारत से नानकदेव जी की जन्म स्थली में दर्शनो को जाने के लिए सिख समुदाय के लोगों को बीजे की जरूरत पडती…

नफरत फैलाने वाले पड़ें यह खबर…मजहबी कड़वाहट दूर न हो जाए तो कहना

मलेशिया। सौ टका सच है…हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई आपस में सब भाई भाई। जी हां भाईचारे की एक ऐसी ही मिसाल देखने को मिली है। जो लोगों के लिए एक सबक है। इन दिनों एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह वीडियो सांप्रदायिक सौहार्द्र की मिसाल पेश करने वाला है। यह वीडियो किसी गुरुद्वारे की है। इसमें दिख रहा है कि गुरुद्वारे में गुरुवाणी हो रही है। वहीं सामने एक मुस्लिम शख्स नमाज पढ़ रहा है। इस वीडियो को लोग काफी पसंद कर रहे हैं। लोग कमेंट…

पाकिस्तानी युवक से सिख महिला ने किया निकाह, कबूला इस्लाम

लाहौर। बैसाखी का पर्व मनाने के लिए पंजाब के होशियारपुर से पाकिस्‍तान गई एक सिख महिला ने इस्‍लाम अपनाकर वहीं के युवक के साथ निकाह कर लिया है। इसके साथ ही उसने पाकिस्‍तान की सरकार से गुहार लगाई है कि उसका वीजा बढ़ा दिया जाए क्‍योंकि भारत वापस आने पर उसकी जान को खतरा है। जिस व्‍यक्ति से इस महिला की शादी हुई है वह लाहौर का रहने वाला है। यह महिला 12 अप्रैल को शिरोमणि गुरद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) जत्‍थे के साथ लाहौर गई थी। सिर्फ चार दिनों के…

आपसी भाईचारा देखना है तो इन जगहों पर एक बार जरूर आएं…दिल खुश हो जाएगा

नई दिल्ली। देश में भले ही सियासी दंगे हो रहे हों, देश में धर्म, जाति और संप्रदाय के नाम पर एक-दूसरे को बांटने के प्रयास कर रहे हों, वहीं कुछ जगहें ऐसी हैं जहां आपसी भाईचारा देखने को मिलता है। उत्तर प्रदेश में देवा शरीफ, राजस्थान में रामदेवरा और असम में पोवा मक्का ऐसी ही जगहाएं हैं जहां सांप्रदायिक एकता, सहिष्णुता सौहार्द और भाईचारा देखने को मिलता है। भले ही इन स्थानों के बारे में बहुत अधिक लोग नहीं जानते लेकिन सभी धर्मों में आस्था रखने वाले लोग पाक जगहों…

मकर संक्रांति के अलग-अलग नामों के साथ जानें भारत में कैसे मनाते हैं ये पर्व

पंजाब और हरियाणा में मकर संक्रांति के एक दिन पहले हंसी-खुशी और उल्लास का त्यौहार ‘लोहड़ी’ मनाया जाता है। इस दिन शाम के समय लोग आग जलाकर उसके चारों तरफ नाचते हैं व तिल-गुड़ गच्चक, रेवडिय़ां, मूंगफली और मक्की के भुने दाने आपस में मिल बैठकर खाते हैं। परिवार में आने वाले नवजन्मे शिशु चाहे वह बेटा हो या बेटी, उसकी खुशी में पहली लोहड़ी धूमधाम से मनाई जाती है। उससे अगले दिन मकर संक्रांति को कई प्रकार के धार्मिक आयोजन होते हैं। पूरा आकाश रंग-बिरंगी पतंगों से भर जाता…

लोहड़ी: बेटियों को क्यों दिए जाते हैं उपहार, पढ़ें रोचक बातें

पौष महीने के अंतिम दिन सूर्यास्त के बाद माघ महीने की पहली रात को मनाया जाने वाला त्यौहार अपने साथ ढेर सारी रौनक व खुशियां लेकर आता है। लोहड़ी से अभिप्राय  है-पौष, माघ की कड़कड़ाती ठंड से बचने के लिए आग जला कर तापना व गर्मी देने वाले खाद्यों का सेवन करते हुए आनंद मनाना। लोहड़ी शब्द तीन अक्षरों के मेल से बना है-लोहड़ी (ल-लकड़ी, ओह-सूखे उपले, डी-रेवड़ी)। इस पर्व के आने से सप्ताह भर पहले ही गली-मोहल्लों में बच्चे पारंपरिक गीत गाते हुए हर घर से लोहड़ी मांगते हैं।…

गुरु नानक की जयंती मनाने 2600 भारतीय सिख पाकिस्तान पहुंचे

लाहौर | गुरु नानक देव की 549वीं जयंती में हिस्सा लेने के लिए भारत से 2600 से ज्यादा सिख श्रद्धालु आज पाकिस्तान पहुंचे। इवैक्यू ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ईटीपीबी) के अध्यक्ष सिद्दिकुल फारूक ने रेलवे स्टेशन पर सिख श्रद्धालुओं का स्वागत किया। ‘द डॉन’ ने खबर दी है कि यहां पहुंचने के तुरंत बाद श्रद्धालु नानक साहिब स्थित बाबा गुरु नानक जन्म स्थान के लिए रवाना हो गए। सिख धर्म के संस्थापक बाबा गुरु नानक की जयंती के कार्यक्रम दो नवम्बर से मनाए जा रहे हैं। समारोह का मुख्य कार्यक्रम चार…

संत निरंकारी मिशन में आज मनेगा मुक्ति पर्व

मुक्ति पर्व समागम प्रतिवर्ष 15 अगस्त को आयोजित किया जाता है। इस दिन जहां देश में राजनीतिक स्वतंत्रता का आनंद प्राप्त हो रहा होता है वहीं संत निरंकारी मिशन इस आनंद में आत्मिक स्वतंत्रता से प्राप्त होने वाले आनंद को भी सम्मिलित कर ‘मुक्ति पर्व’ मनाता है। मिशन का मानना है कि जहां राजनीतिक स्वतंत्रता सामाजिक तथा आर्थिक उन्नति के लिए अनिवार्य है, वहीं आत्मिक स्वतंत्रता भी शांति और शाश्वत आनंद के लिए आवश्यक है। आरंभ में यह समागम शहंशाह बाबा अवतार सिंह जी की धर्मपत्नी जगतमाता बुद्धवंती जी, जो…

क्यों पंजाबियों में शुभ माना जाता है चूड़ा पहनना! जानें

भारत एक ऐसा देश है जहां कई जाति के लोग रहते हैं। यह भारत की खासियत और महानता है कि यहां सभी धर्म और जाति के लोगों को एक समान दर्जा दिया जाता है। सभी लोगों का रहन-सहन और रीति रिवाज भी अलग हैं। हमारे देश में शादियों के भी कई रंग देखे जाते हैं। हर धर्म में अलग-अलग तरह के खास रिवाज होते हैं जैसे पंजाबी दुल्हनों को चूड़ा पहनना बहुत जरूरी होता है और इसकी एक रस्म भी होती है। हालांकि आजकल तो अक्सर हर जाति की लड़कियां…