15वीं विधानसभा का पहला सत्र आज से, विपक्ष में बैठने वाली कांग्रेस आज दिखेगी सत्ता की कुर्सियों पर

भोपाल. विधानसभा के सदन का नजारा आज सोमवार से 15 साल बाद बदला हुआ दिखेगा। 15 साल से तक विपक्ष में बैठने वाली कांग्रेस, सत्ता की कुर्सियों पर बैठेगी। भाजपा विधायक सामने प्रतिपक्ष की सीटों पर बैठेंगे। लगातार 13 वर्षों तक पहली कुर्सी पर बैठने वाले शिवराज सिंह चौहान अब विपक्ष में नजर आएंगे। वर्तमान व्यवस्था में उन्हें विपक्ष की पहली सीट दी गई है, लेकिन नेता प्रतिपक्ष के चयन के बाद उन्हें दूसरे नंबर की सीट मिलेगी। उधर, सदन के नेता के रूप में पहली सीट पर मुख्यमंत्री कमलनाथ होंगे। उनके पास मंत्री गोविंद सिंह, आरिफ अकील, सज्जन सिंह वर्मा बैठेंगे। जीतू पटवारी, मुख्यमंत्री के ठीक पीछे वाली सीट पर नजर आएंगे। पिछली विधानसभा में इस सीट पर नरोत्तम मिश्रा बैठते थे।
14वीं विधानसभा में स्पीकर रहे सीतासरन शर्मा विपक्ष में सीट क्रमांक 159 पर बैठे नजर आएंगे। यह विपक्ष की अग्रिम पंक्ति की सीट होगी। मध्यप्रदेश के संसदीय इतिहास पहली बार ये स्थिति है जब पक्ष-विपक्ष में बहुत कम सदस्यों का अंतर होगा। विपक्ष भरा-पूरा होने से बहस की संभावना बहुत ज्यादा रहेगी तो सरकार मतदान में अप्रिय स्थिति से बचने के लिए अपने विधायकों को सदन में उपस्थित रहने के लिए पाबंद कर चुकी है।
विधायकों की शपथ और जरूरी शासकीय कार्य होंगे
15वीं विधानसभा का यह पहला सत्र हैं, इसलिए इस सत्र में विधायकों की शपथ होगी। पांच दिवसीय इस सत्र में प्रश्नकाल, ध्यानाकर्षण इत्यादि तो नहीं होगा, लेकिन जरूरी शासकीय कार्य होंगे। राज्य के खर्चे के लिए सरकार को पैसों की जरूरत है, इसलिए सप्लीमेंट्री बजट पेश होगा। इसमें जरूरी खर्चों के लिए राशि शामिल होगी। पहले दिन यानी सात जनवरी को प्रोटेम स्पीकर विधायकों को शपथ दिलाएंगे। इसी दिन दोपहर 12 बजे अध्यक्ष के लिए नामांकन भी भरा जाएगा। अगले दिन यानी आठ जनवरी को विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव हो जाएगा। राज्यपाल का अभिभाषण और कृतज्ञता प्रस्ताव पर चर्चा भी होगी। महत्वपूर्ण विधेयक भी पेश हो सकते हैं।

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