ज़ोहर की नमाज़ अदा की मुस्लिमों ने शिव मंदिर के प्रांगड़ में!!

इतिहास गवाह है मुल्क़ के माथे को अक़्सर जमाने ने तभी चूमा है जब जब आपसी मोहब्बतों कि महक सात समन्दर पार पहुँची है।

“अनम इब्राहिम”

हिंदुस्तानी तहज़ीब से जहन को ताज़ा करना हो या सभी मज़हबों की खुशबू से रूह को तर करना हो तो ये असरार गुनगुनाते रहिए

मज़हब नही सिखाता आपस मे बैर रखना

उत्तरप्रदेश: बुलन्दशहर एक ओर जहां लाखो जामत-ए-तबलीग़ से जुड़े मुस्लिमों की भीड़ इज़्तिमे में शिरकत करने के लिए पैदल व वाहनों से दरियापूर का सफर तय कर रही थी तो वहीं रास्तों पर बसे हिंदुओ के गांव में इज़्तिमे में जाने वाले मुस्लिम मुसाफ़िरों का इस्तक़बाल हो रहा था। ये नज़ारा देश मे पनप रहे कट्टरवाद के गाल पर तमाचा जड़ता चला जा रहा था गांव के हिंदुओं की महमाननवाज़ी व सेवा मुस्लिमो के लिए ठंडे पानी और आंगन की छांव तक ही नही सिमटी रही बल्कि जब मुस्लिमों का क़ाफ़िला जैनपुर गांव के जाम में फस गया और उसी दौरान ज़ोहर की नमाज़ अदा करने का वक़्त हो गया तो गांव के ग्रामीण हिंदुओं ने जब सड़कों पर मुस्लिमो को नमाज़ अदा करते देखा तो उन्हें गांव के प्राचीन शिव मंदिर के प्रांगण में नमाज़ अदा करने के लिए कहा और शिव मंदिर के दरवाज़ों को खोल दिया जहां दाख़िल होकर लगभग 200 मुस्लिमो ने नमाज़-ए-ज़ोहर अदा की बात यहीं तक नही गुज़रे सनातन के सच्चे सेवको ने जब तक नमाज़ होती रही बहार खड़े होकर व्यवस्थाओं को सम्भाले रखा।
कल बुलन्दशहर के गांव में जो भी हुआ उसे देखकर मुझे मेरे ख्वाबो का हिंदुस्तान याद आ गया।

जौनपुर के ग्रामीणों ने सांप्रदायिक सौहार्द की अदभूत मिसाल कायम कर के दिखाया है। दरियापुर में चल रहे इज्तेमा में आ रहे मुस्लिम जाम में फंस गए तो ग्रामीणों ने प्राचीन शिव मंदिर परिसर में ही ज़ोहर की नमाज अदा कराने की व्यवस्था ही नही की बल्कि। नमाज के दौरान मुस्लिमो को कोई परेशानी न हो, इसके लिए उनका पूरा ख्याल भी रखा गया। ओर नमाज के बाद सभी को जलपान कराकर उन्हें इज्तमा के लिए खुशी-खुशी रवाना भी किया गया।

नगर के दरियापुर में तीन दिवसीय आलमी तब्लीगी इज्तेमा चल रहा था । प्रदेश के विभिन्न जिलों से इज्तमा में लोग पहुंच रहे हैं। इसके अलावा आसपास के गांवों के लोग भी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों व अपने-अपने वाहनों से इज्तमा में शरीक हो रहे हैं।

इज्तमा में शामिल होने के लिए रविवार को मेरठ-हापुड़ की तरफ से काफी लोग आ रहे थे।
बुलंदशहर कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव जैनपुर के पास जाम में काफी लोग फंसे हुए थे और उसी दौरान ज़ोहर की नमाज का वक्त हो गया। बताया गया कि कुछ लोगों ने सड़क स्थित शिव मंदिर के बाहर नमाज पढ़नी शुरू कर दी थी। जैनपुर के ग्रामीणों ने जब लोगों को सड़क पर नमाज अदा करते देखा तो उन्हें प्राचीन शिव मंदिर के प्रांगण में नमाज पढ़ने के लिए कहा।

हिंदुओं का सहयोग मिलने के बाद करीब 150 मुसलमान ने वुजू करके मंदिर प्रांगण में ज़ोहर की नमाज अदा की। नमाजियों को कोई परेशानी न हो काफी हिंदू भाई मंदिर प्रांगण के बाहर ही खड़े रहे और शांतिपूर्वक नमाज अदा कराने में सहयोग किया। प्राचीन शिव मंदिर में नमाज अदा कराकर जैनपुरवासियों ने जिले में हिंदू मुस्लिम एकता की नई मिसाल कायम कर आपसी सौहार्द का संदेश दिया है। फेसबुक, व्हाट्सऐप, ट्विटर पर जैनपुर के ग्रामीणों की खूब तारीफ हो रही हैं।
बुलंदशहर। रविवार को जब प्राचीन शिव मंदिर परिसर में मुस्लिम भाई जौहर की नमाज अदा कर रहे थे, सभी लोगों की जुबां पर यही बात थी कि मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना। ग्रामीण लालू सिरोही, चमन शर्मा, सचिन गिरि व लक्ष्मण सिंह का कहना है कि मजहब सब एक हैं। हिंदू-मुस्लिम हमारी सोच का फर्क है। नमाज के दौरान मुस्लिम भाइयों का पूरा ख्याल रखा गया था।

खुश दिखे मंदिर के प्रबंधक
प्राचीन शिव मंदिर कमेटी के प्रबंधक कन्हैया लाल शर्मा काफी खुश हैं। उनका कहना है कि मुस्लिम भाइयों ने मंदिर प्रांगण में नमाज अदा की। यह जैनपुर वासियों के लिए बड़े गर्व की बात है। उनका कहना है कि हिंदू-मुस्लिमों के बीच फूट पैदा करने वाले लोगों के मुंह पर यह तमाचा है। ग्राम प्रधान पति गंगा प्रसाद का कहना है कि मुस्लिम भी हमारे भाई हैं। मजहब की दीवार कभी आड़े नहीं आएगी।

Related posts