होशंगाबाद में आग का कहर: सैकड़ों एकड़ फसल खाक, तीन की मौत

होशंगाबाद। वैसे तो आग लगने की खबरे पूरे साल भर आती रहती हैं लेकिन गर्मी के मौसम में आग लगने की घटनाओं में इजाफा हो जाता है। एक चिंगारी भी गर्मी के मौसम में शोले का रूप ले लेती है। ऐसा ही आगजनी का मामला मध्य प्रदेश के होशंगाबाद में शुक्रवार रात सामने आया। जहां आग ने ऐसा तांडव मचाया कि जिले के करीब 84 गांव इसकी चपेट में आ गए। इस आग से जहां सैकड़ों एकड़ फसल खाक हो गई, वहीं इस आग से तीन लोगों की मौत हो गई। जबकि 24 से अधिक लोग झुलस गए हैं। अभी इनमें से कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। कुछ के लापता होने की भी बात कही जा रही है।

मौके पर भोपाल, होशंगाबाद समेत आसपास की 50 से अधिक फायर ब्रिगेड की गाडिय़ां आग पर काबू पाने की कोशिश में जुटी हुई थीं। रात भर एसपी, कलेक्टर और कमिश्नर घटनास्थल पर मौजूद रहे। राहत और बचाव का काम युद्धस्तर पर जारी था। फिलहाल आग पर काबू पाने की बात कही जा रही है। हालांकि नरवाई में लगी आग का कारण का पता नहीं चल सका है। शुक्रवार को दिन भर मौसम सामान्य था, लेकिन शाम होते ही कई जिलों में तेज आंधी का कहर देखने को मिला, जिससे कई शहरों में ब्लैक आउट की स्थिति रही। होशंगाबाद में भी अचानक आई तेज आंधी ने तबाही का मंजर बना दिया। तेज़ हवा के बाद खेतों में नरवाई में लगी आग भडक़ गई और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। कुछ ही देर में आग इतनी बढ़ गई कि सैकड़ों एकड़ की खड़ी फसल को अपनी चपेट में ले लिया और जलाकर ख़ाक कर दिया।

बताते हैं कि हादसे के वक्त 18 किमी प्रति घंटा से हवाएं चल रही थीं। इस वजह से आग तेजी से फैल गई। आग की सूचना पर जिले भर के तमाम आला अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और प्रशासन आग पर काबू पाने की कोशिश में जुट गया। आग पर काबू पाने के लिए होशंगाबाद से लेकर भोपाल तक की दमकलों को बुलाया गया। लेकिन जब तक इस विकराल हुई आग ने आसपास के 84 गांवों को अपने जद में ले लिया। भोपाल से 26 दमकल पहुंचीं, लेकिन समय रहते आग पर काबू नहीं पा सके, जिसके कारण हालात बेकाबू हो गए। प्रशासन अब तक भी नुकसान का आकलन नहीं कर पाया है। जलने से तीन की मौत, कई झुलसे देर रात तक कुलामढ़ी, रसूलिया, निमसाडिय़ा समेत अन्य गांवों के घरों तक आग पहुंच गई थी। इस दौरान 10 से 15 फीट ऊंची लपटें देखी गईं। जिले भर के करीब 84 गांव आग की चपेट में आ गए।

आग की चपेट में आने से 24 से अधिक लोग बुरी तरह झुलस गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से कई की हालत गंभीर थी। इसको लेकर अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल था। हादसे में पांजराकलां निवासी दिलीप (28) और अमित (32) की जलने से मौत हो गई। शनिवार सुबह धोंखेड़ा के पास खेत में जला तीसरा शव मिला है। इसका नाम गुरु साहब बताया जा रहा है। एक व्यक्ति को गंभीर हालत में भोपाल रेफर किया गया। वहीं कई ग्रामीण लापता हैं। आग का तांडव देखते हुए घायलों की संख्या बढऩे की आशंका है। पूरा प्रशासन हाई अलर्ट पर है।

इस घटना से साफ हो गया है कि जिले का आपदा प्रबंधन आग को रोकने में नाकाम साबित रहा। कई गांवों को लिया चपेट में आग फैलते-फलते कुलामड़ी, निमसाडिय़ा, गौरा, खोजनपुर, निटाया, फेफरताल, सिवनी मालवा, शिवपुर, पांजरा, पथौड़ी समेत 84 गांवों तक पहुंच तक गई और इनकी फसलों को राख कर दिया। आग से पूरा पांजरा, ग्वाड़ी, लोहारिया, तारारोड़ा गांव भी घिर गया था। पांजरा में आग से एक युवक और आधा दर्जन से ज्यादा मजदूर झुलस गए हैं। इधर रैसलपुर में भी एक युवक झुलस गया है। हालांकि आग से घिरे पांजरा गांव का तवा नदी तरफ वाला हिस्सा खाली करा लिया गया था। ग्रामवासियों को पांजरा के मुख्य हिस्से में पहुंचाया गया। प्रशासन और गांव के लोग आग को रोकने के प्रयास में जुटे रहे। पांजरा से लगे गांव ग्वाड़ी और लोहारिया भी आग से घिर गए थे। दहशत के कारण गांव के लोग छतों पर जाकर खड़े हो गए और आग बुझने का इंतजार करते रहे।

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