होमवर्क नहीं करने की मासूम को भयानक सजा, प्रिंसिपल ने हथौड़े से पीटा

राजपुरा। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे अक्सर होमवर्क को लेकर लापरवाही करते हैं दोस्तों के साथ खेलने कूदने में वो अपना होमवर्क करना भूल जाते हैं जिसके बदले उन्हें टीचर से सजा भी मिलती है। हम में से भी बहुत से होंगे जिनको होमवर्क ना करने की वजह से टीजर से सजा मिली होगी। पढ़ाई ना करने पर टीचर द्वारा सजा देना कोई गलत बात नहीं है…लेकिन यहीं सजा अगर हद से ज्यादा दी जाए तो उसे सजा नहीं बल्कि अपराध माना जाता है। कुछ ऐसा ही किया है राजपुरा के एक प्राइमरी सरकारी स्कूल के प्रिंसीपल ने। प्रिंसीपल ने 7 वर्षीय बच्चे को हथौड़े से बूरी तरह पीटा। जख्मी हालत में बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसका इलाज जारी है।

जानकारी के अनुसार, गुरप्रीत सिंह गांव जनसूई में रहते हैं। उनका 7 वर्षीय बेटा अरमान गांव के ही प्राइमरी स्कूल में दूसरी कक्षा में पढ़ता है। 3 अक्टूबर को जब वह स्कूल गया तो स्कूल के प्रिंसीपल विक्रमजीत सिंह ने होम वर्क न करने का आरोप लगाते हुए अरमान को बुरी तरह से लोहे के हथौड़े से पीटा। अरमान रोता हुआ घर आया तो परिजनों ने रोने की वजह पूछी…तब उसने सारी बात बता दी। उसकी पीठ पर चोट के कई निशान थे। इसके बाद बच्ची के पिता गांव के सरपंच, पंच आदि व अन्य के साथ स्कूल में पहुंचे तो प्रिंसीपल विक्रमजीत सिंह ने उनसे बात करने से इंकार कर दिया।

इसके बाद जनसुनवाई में प्रिंसिपल ने खुद का बचाव करते हुए कहा कि बच्चा कई दिनों से होमवर्क करके नहीं आ रहा था। इसलिए मैंने थप्पड़ मारे थे, लोहे के हथौड़े से पीटने की बात झूठी है। जब उनसे पूछा गया कि 24 घंटे बाद भी क्या बच्चे की पीठ पर थप्पड़ के निशान रह सकते है? इस सवाल पर प्रिंसिपल ने चुप्पी साध ली।

Related posts