हार्दिक की ऑलराउंडर परफॉर्मेंस, मुंबई ने चेन्नई को 37 रनों से हराया

मुंबई। कल मुंबई के वानखेड़े के मैदान पर बड़ा मैच…टीमें थीं मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपरकिंग्स…और मुंबई ने आखिरकार चेन्नई सुपर किंग्स को 37 रनों से हराने में सफलता हासिल कर ही ली। पहले खेलते हुए मुंबई इंडियंस ने 170 रन बनाए थे। जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी चेन्नई महज 133 रन ही बना पाई। हार्दिक पांड्या ने तेजतर्रार रन बनाने के अलावा बॉलिंग करते वक्त 3 विकेट भी झटके।

सबसे पहले टॉस हारने के बाद बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित मुंबई के लिए क्वांटिम डी-कॉम और रोहित शर्मा ओपनिंग पर आए थे। डी-कॉक पारी की तीसरी ही ओवर में चेन्नई के गेंदबाज दीपक चहार की गेंद पर केदार जाधव को कैच थमा बैठे। इसके बाद कप्तान रोहित ने सूर्यकुमार यादव के साथ मिलकर अपनी पारी को आगे बढ़ाया। लेकिन आठवें ओवर में वह अपना नियंत्रण खो बैठे। जब चेन्नई के स्पिनर रविंद्र जडेजा को मारने के चक्कर में वह धोनी को कैच थमा बैठे।

क्रीज पर आए युवराज सिंह भी कुछ खास नहीं कर पाए। शुरुआती कुछ गेंदों को अच्छे तरीके से खेल रहे युवराज ने जब एक बड़ा शॉट मारा तो वह बाऊंड्री लाइन पर खड़े रायुडू के हाथों लपके गए। 50 रन पर तीन विकेट गंवाने के बाद मुंबई की टीम को क्रुणाल पांड्या और सूर्यकुमार यादव ने संभाला। दोनों ने अर्धशतक साझेदारी कर मुंबई को 100 रन से पार करवाया। लेकिन तभी बड़ा शॉट मारने के चक्कर में क्रुणाल ने जडेजा को कैच थमा दी।

सूर्यकुमार ने अगली ही गेंद पर छक्का मारकर अपने पचास रन पूरे किए। रन गति बढ़ाने के चक्कर में जब ड्वेन ब्रावो की गेंद पर उन्होंने ऊंचा शॉट लगाया तो बाउंड्री लाइन पर खड़े जडेजा के हाथों लपके गए। सूर्यकुमार ने 43 गेंदों में 8 चौकों और एक छक्के की मदद से 59 रन बनाए। मुंबई टीम ने शुरुआत तो धीमी की लेकिन अंत में आंद्रे रसैल और हार्दिक पांड्या के तेजतर्रार खेल से अपनी पारी 170 रनों पर खत्म किया। रसैल और हार्दिक ने अंतिम ओवर में 29 रन बनाए।

171 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी चेन्नई की शुरुआत खराब रही। मुंबई के तेज गेंदबाज बैहरनडोर्फ ने पहले ही ओवर में रायुडू को चलता किया। रायुडू अपना खाता भी नहीं खोल पाए थे। इसके बाद लासिथ मलिंगा ने शेन वाटसन को पोलार्ड के हाथों आऊट करा चलता किया।

6 रन पर दो विकेट गिरने से सारी जिम्मेदारी सुरेश रैना और केदार जाधव के कंधे पर आ गई। दोनों ने धीरे-धीरे पारी को आगे बढ़ाने की कोशिश जारी रखी। इसी बीच रन गति बढ़ाने के चक्कर में रैना ने एक ऊंचा शॉट मारा जिसे बाउंड्री पर खड़े पोलार्ड ने बेहतरीन डाइव लगाकर पकड़ लिया। महज 33 रनों पर अपने तीनों बड़े विकेट गंवाने के बाद चेन्नई के कप्तान धोनी क्रीज पर आए। उन्होंने केदार जाधव के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाया। लेकिन तभी धोनी रन गति बढ़ाने के चक्कर में सूर्यकुमार को कैच थमा बैठे।

चेन्नई को तब सारी उम्मीद अपने ऑलराऊंडर खिलाड़ी रविंद्र जडेजा पर थी लेकिन वह भी हार्दिक पांड्या की गेंद पर डीकॉक को कैच थमा बैठे। पांड्या की एक ओवर में यह दूसरी विकेट थी। तक एक छोर संभाले हुए केदार जाधव ने अपनी फिफ्टी पूरी कर ली। लेकिन जब उन्हें लगा कि रिक्वायर्ड रेट तेजी से बढ़ रही है तो बड़े शॉट मारने के चक्कर में वह डीकॉक के हाथों लपके गए।

केदार ने 54 गेंदों में 8 चौकों और एक छक्के की मदद से 58 रन बनाए। केदार आऊट हुए उसके बाद ब्रावो एक शानदार छक्का मारकर मलिंगा की गेंद पर डीकॉक के हाथों ही लपके गए। आखिरी ओवर में दीपक चहार भी हार्दिक पांड्या के चक्रव्यू में फंसकर बुमराह को कैच थमा बैठे।

 

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