हनीट्रैप: 40 से ज़्यादा कॉलेज की छात्राओं को फंसाया गया, IPS-IAS अफसरों के ट्रांसफर भी करवाते थे

इंदौर/भोपाल: एसआईटी की कड़ी जांच के बाद हनीट्रैप की मुख्य आरोपी श्वेता जैन ने अब एसआईटी के समक्ष यह कबूल किया है कि जिस्मफरोशी के इस गोरखधंधे के साथ-साथ वह आईएएस और आईपीएस अफसरों की पोस्टिंग भी करवाती थी। बता दे कि कुछ दिन पूर्व मोनिका नामक एक कॉलेज की छात्रा का भी हनीट्रैप कांड में नाम सामने आया था। बता दें कि मोनिका को कॉलेज एडमिशन के बहाने से इस गोरखधंधे में धकेला गया था। एसआईटी ने जब मोनिका और श्वेता जैन का आमना सामना करवाया तो श्वेता जैन ने यह कबूला कि उसने भोपाल आई कॉलेज की पढ़ाई के लिए मोनिका को 3 आईएएस अफसरों से मिलाया था और इंदौर भोपाल आने जाने के लिए एक ऑडी कार भी दी थी। जब कॉलेज की छात्रा मोनिका को श्वेता जैन और बाकी महिलाओं के इस गोरखधंधे के बारे में पता चला तो मोनिका ने सीधा साफ मना कर दिया और वापस अपने गांव नरसिंहगढ़ चली गई लेकिन बात यहीं खत्म नहीं हुई। आरती दयाल जोकि हनीट्रैप मामले की सरगना है उसने मोनिका के गांव नरसिंहगढ़ जाकर मोनिका के पिता से बात की और यह भरोसा दिलाया कि मोनिका की पूरी पढ़ाई का खर्चा आरती दयाल का एनजीओ उठाएगा। फिर क्या था गरीब बूढ़े मोनिका के पिता ने 18 साल की अपनी लड़की को आरती दयाल के हवाले कर दिया। बता दे कि आरती दयाल और श्वेता जैन इसी तरह कॉलेज की लड़कियों को फंसाती थी और पढ़ाई व नौकरी के नाम पर उनको इस जिस्मफरोशी के धंधे के लिए इस्तेमाल करती थी। मोनिका ने आगे एसआईटी के समक्ष खुलासा किया गया कि गांव से आने के बाद आरती दयाल और रूपा नामक एक महिला के द्वारा उसको एक महंगी कार में इंदौर में घुमाया गया और महंगे होटल में ले जाया गया जहां पर मोनिका की जान पहचान हरभजन सिंह से करवाई। आरती दयाल ने मोनिका को हरभजन सिंह के साथ पूरी रात बिताने को कहा और जब यह सब होता रहा तब श्वेता ने हरभजन और मोनिका के बीच हुए रात के किस्से को कैमरे में कैद कर लिया जिसके बाद श्वेता जैन हरभजन सिंह को वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल करती रही जिसके बाद श्वेता जैन द्वारा तीन करोड़ की डिमांड की गई। बता दें कि मोनिका द्वारा एसआईटी को यह भी खुलासा किया गया कि उसको बार-बार धमकी दी जा रही थी कि अगर वह यह सब किसी को बताएगी तो उसके वीडियो वेबसाइट पर डाल दिए जाएंगे जिससे उसकी बदनामी हो जाएगी। एसआईटी में खुलासा करते हुए हैं यह बताया है कि करीब 40 कॉलेज की छात्राओं को इस धंधे में फसाया गया था जिसके भोगी मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भी थे।

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