सोनभद्र नरसंहार मामला: प्रियंका से खुद मिलने आ गए पीड़ित परिवार

वाराणसी। सोनभद्र में हुए सामूहिक हत्याकांड के पीड़ित परिवारों से मिलने जाने के दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को शुक्रवार को मिर्जापुर के अदलहाट क्षेत्र में प्रशासन ने रोककर अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 151 के तहत हिरासत में ले लिया था। बाद में उन्हें चुनार गेस्ट हाउस लाया गया था। प्रशासन ने उन्हें वापस लौटने को कहा था। लेकिन प्रियंका का कहना था कि वह पीड़ितों से मिले बिना नहीं जाएंगी। अब पीड़ित परिवार खुद उनसे मिलने आ पहुंचे।

पीड़ित परिवारों के 12 सदस्यों ने शनिवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से मिर्जापुर स्थित चुनार गेस्ट हाउस परिसर में मुलाकात की। इस दौरान प्रियंका शोकाकुल पीड़ित परिवारों के आंसू पोंछते और पानी पिलाते दिखीं। पीड़ित परिजनों ने हादसे का खौफनाक मंजर बयां किया। वहीं प्रियंका ने उनको हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया। प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रशासन को पीड़ित परिवारों की रखवाली करनी चाहिए। जब इनके साथ हादसा हो रहा था इनकी मदद करनी चाहिए थी। प्रशासन की मानसिकता मेरी समझ से बाहर है।

प्रियंका ने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार के 15 सदस्य उनसे मिलने आएं, लेकिन सिर्फ 2 को ही अंदर आने की इजाजत दी गई और बाकी लोगों को बाहर ही रोक लिया गया। प्रियंका ने कहा कि जिनसे मिलने के लिए मैं आई थी, अब उन्हें मुझसे मिलने आना पड़ा फिर भी प्रशासन ने ठीक से नहीं मिलने दिया। प्रियंका ने कहा, आखिर महिला पीड़ित परिजनों से मिलने पर प्रशासन को क्या आपत्ति है।

गौरतलब है कि, बुधवार को सोनभद्र के घोरावल क्षेत्र के उम्भा गांव में जमीनी विवाद को लेकर 10 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सिलसिले में ग्राम प्रधान समेत 27 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। घटना के विरोध में विपक्ष लामबंद हो गया है। कांग्रेस, सपा, बसपा और रालोद समेत राज्य की सभी विपक्षी पार्टियों ने घटना की एक सुर में भर्त्सना की है और प्रदेश में कानून व्यवस्था की बिगड़ती हालत पर चिंता जताई है।

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