सीआरपीएफ की वर्दी पहनकर आया जालसाज, शहीद की पत्नी को लगाया लाखों का चूना

सीहोर। दुनिया कई किस्म के लोगों से भरी है। इसमें कुछ ऐसे लोग भी हैं जो अपनी धूर्तता से पैसे बनाने में जुटे हैं। मिथिलेश कुमार श्रीवास्तव नाम से आपको कोई चेहरा शायद याद नहीं आए लेकिन नटवर लाल नाम लिया जाए तो आप लगभग मुहावरा बन चुके इस नाम को भूल नहीं पाएंगे। चालाकी और ठगी को ललित कला बना देने वाला यह शख्स अब इस दुनिया में नहीं है लेकिन उस जैसे न जाने कितने नटवरलाल दुनिया में पैदा हो गए हैं जो चालाकी से लोगों को चूना लगाकर फरार हो जाते हैं। ऐसा ही एक मामला सीहोर में सामने आया जहां सीआरपीएफ का जवान बनकर पैसे दिलाने के नाम पर शहीद ओम प्रकाश मर्दानिया की पत्नी कोमल से साढ़े 8 लाख रूपए ठग लिए। महिला सोमवार को कोतवाली थाने पहुंची और मामला दर्ज करवाया।

महिला ने बताया कि सोमवार की सुबह करीब 11 बजे एक व्यक्ति सीआरपीएफ की यूनिफार्म पहन कर उनके चाणक्यपुरी स्थित घर आया था। उसने अपना नाम मिश्रीलाल मीणा बताते हुए अपनी आईडी भी दिखाई। मिश्रीलाल का कहना था कि उनके पति के कुछ रुपए और आने है। जिसके सत्यापन के लिए उसे भेजा गया है। उसके शहीद पति ओमप्रकाश मर्दानिया की शहादत के बाद उन्हे 35 लाख रुपये दिए जाने थे। जिसमें से साढे आठ लाख रुपये ही मिले थे। इसलिए महिला को उसकी बात पर तुरंत विश्वास हो गया था। मिश्रीलाल ने कहा कि शेष बची हुई रकम किसके खाते में जमा करानी है शहीद की पत्नी के खाते में या फिर शहीद की माँ के खाते में इसकी जांच करने बाबत मुझे आपके पास भेजा गया है। तो महिला ने कहा कि मेरे दो बच्चे है जिनकी देखभाल और परवरिश करने के लिए पैसा मेरे खाते में ही आना चाहिए।

इस पर मिश्री लाल ने कहा कि यदि आपके खाते में बाकी बचे रुपए भेजना है तो जो रुपये आपके खाते में डाले गए थे पहले वे निकाल लें, क्योंकि अगर आपके खाते में पहले से रुपये होंगे तो फिर आपके खाते में बाकी बची रकम नहीं डाली जाएंगी। यह सुनकर महिला अपनी बहन के पति देवेंद्र सिंह कि प्लेटिना गाड़ी लेकर मिश्रीलाल के साथ इछावर के लिए निकाल गयी जहां से उसने खाते में जमा पैसे अपने सीहोर के एसबीआई बैंक के खाते में ट्रांसफर किए और फिर उन पैसों को कैश करवा लिया। रुपये निकलवाने के बाद मिश्रीलाल ने उससे कहा कि हमें वेरिफिकेशन के लिए शपथ पत्र बनवाना पड़ेगा। हम शपथ पत्र बनवाने के लिए तहसील गए। लेकिन इसी बीच मिश्री लाल ने कहा कि मेरा फोन बंद हो गया है, मुझे आपका फोन चाहिए। महिला ने उसे फोन दिया। उसने मेरे फोन से किसी को फोन भी किया। इसके बाद उसने कहा कि मैं कुछ दस्तावेजों की कॉपी करवा लेता हूं। आप शपथ पत्र तैयार करवाओ। यह कह कर वह रुपये का बैग, मोबाइल और महिला की बहन के पति देवेंद्र की गाड़ी लेकर चला गया।

महिला ने कुछ देर तक इंतजार किया, पर वह नहीं लौटा। जब ज्यादा देर हो गई तो महिला उसे ढूंढने बाहर आई, लेकिन वह नहीं मिला। इसके बाद महिला ने बैंक जा कर देखा तो वह कहीं नहीं मिला। इसके बाद महिला ने अपनी बहन के पति देवेंद्र को बुलाया। उन दोनों ने भी मिश्रीलाल को ढूंढा, पर वह नहीं मिला। इसके बाद महिला कोतवाली थाने पहुंची। पुलिस ने फिलहाल धारा 420 के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध कर तफ्तीश शुरू कर दी है। कोतवाली पुलिस का कहना है कि हम आरोपी को जल्द ही पकड़ने में कामयाब होंगे क्योंकि इस तरह की ठगी की घटनाओं को अंजाम देने वाले बदमाश आस-पास के इलाके के ही होते हैं।

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