सिडनी टेस्ट: चौथे दिन खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया ने बनाए 6 रन

सिडनी। टीम इंडिया ने रविवार को सिडनी टेस्ट के चौथे दिन ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 300 रन पर ऑलआउट की। भारतीय कप्तान ने ऑस्ट्रेलिया को फॉलोऑन देने का फैसला किया है। इसी के साथ विराट ब्रिगेड ने पहली पारी के आधार पर 322 रन की बढ़त बना ली है। बता दें कि टीम इंडिया के स्कोर 622/7 पारी घोषित के जवाब में ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 104.5 ओवर में 300 रन पर ढेर हुई। टीम इंडिया के चाइनामैन कुलदीप यादव ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 31.5 ओवर के अपने स्पेल में 6 मेडन सहित 99 रन देकर पांच विकेट झटके। फॉलोऑन देने के बाद ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में बिना कोई विकेट गवांए 6 रन बना लिए है। हैरिस और ख्वाजा क्रीज पर मौजूद है।

इस सीरीज का पहला टेस्ट मैच खेल रहे कुलदीप यादव की फिरकी के आगे मेजबान ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज परेशान नजर आए। चौथे दिन का पहला सत्र बारिश की भेंट चढ़ा। अगले ही ओवर में कुलदीप यादव ने नाथन लियोन को फुलटॉस गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट करके टीम इंडिया को 9वीं सफलता दिलाई। लियोन खाता नहीं खोल सके। लंच के बाद शुरू हुए मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने बिगाड़ी। उन्होंने पैट कमिंस (25) को क्लीन बोल्ड किया। वहीं बुमराह की एक तेज गति की इनस्विंग ने हैंड्सकोंब के होश उड़ा दिए। भारतीय तेज गेंदबाज ने कंगारू बल्लेबाज को बोल्ड करके मेजबान टीम को आठवां झटका दिया।

बारिश के कारण तीसरे दिन लगभग 16 ओवर का खेल नहीं हो पाया और अब चौथे दिन का खेल आधा घंटा पहले शुरू होगा। ऐसे में देखना है कि पीटर हैंडसकांब (नाबाद 28) और पैट कमिन्स (नाबाद 25) आस्ट्रेलियाई संघर्ष को कहां तक खींच पाते हैं। इन दोनों ने अब सातवें विकेट के लिये 38 रन जोड़े हैं। एससीजी की पिच से भारतीय तेज गेंदबाजों मोहम्मद शमी (54 रन देकर एक विकेट) और जसप्रीत बुमराह (43 रन देकर कोई विकेट नहीं) को खास मदद नहीं मिली लेकिन बायें हाथ के स्पिनर जडेजा (62 रन देकर दो) और चाइनामैन स्पिनर कुलदीप (71 रन देकर तीन) ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों की नाक में दम किये रखा। सलामी बल्लेबाज मार्कस हैरिस (79) ने पहले सत्र में साहसिक बल्लेबाजी की लेकिन दूसरे सत्र में उनके भी पांव उखड़ गये। यही हाल उस्मान ख्वाजा (27) और मार्नस लाबुशेन (38) का रहा जो क्रीज पर पर्याप्त समय बिताने के बावजूद लंबी पारी नहीं खेल पाये जिसकी आस्ट्रेलिया को जरूरत थी।

नियमित अंतराल में विकेट गंवाने के बाद ऑस्ट्रेलिया बड़ी साझेदारी के लिए तरसता रहा। हैरिस और ख्वाजा ने पहले विकेट के लिए 72 रन जोड़े लेकिन इसके बाद कोई भी अच्छी साझेदारी नहीं निभाई गई। आस्ट्रेलिया ने सुबह बिना किसी नुकसान के 24 रन से आगे खेलते हुए सकारात्मक शुरुआत की थी। भारत के लिए सुबह के पांचवें ओवर में ही जडेजा ने गेंद संभाल ली थी जबकि इसके तीन ओवर बाद कुलदीप गेंदबाजी के लिये आ गए थे। भारत को पहली सफलता कुलदीप ने ही दिलाई। ख्वाजा ने ढीला शाट खेलकर एकतरह से अपना विकेट इनाम में दिया। चेतेश्वर पुजारा ने मिड विकेट पर आसान कैच लिया। लंच के बाद भारत ने शानदार शुरुआत की और हैरिस अपने पांव फिर से जमा पाते इससे पहले उन्हें पवेलियन भेज दिया। दूसरे सत्र के तीसरे ओवर में उन्होंने जडेजा की गेंद विकेटों पर खेल दी। बाए हाथ के इस स्पिनर ने जल्द ही भारत को शान मार्श (आठ) के रूप में एक और सफलता दिलाई जिन्होंने स्लिप में कैच थमाया। ऑस्ट्रेलियाई टीम पूरी तरह से दबाव में आ गई थी और ऐसे में जहां रन गति धीमी पड़ी वहीं भारतीयों ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया। अंजिक्य रहाणे ने शमी की गेंद पर लाबुशेन का शार्ट मिडविकेट पर बेहतरीन केच लपका।

ट्रेविस हेड ने हैंड्सकांब के साथ पांचवें विकेट के लिए 40 रन जोड़कर ऑस्ट्रेलियाई टीम को कुछ राहत दिलाई लेकिन जब लग रहा था कि वे क्रीज पर पांव जमा रहे हैं तब हेड ने कुलदीप की फुलटास को गेंदबाज की तरफ खेल दिया जिन्होंने उसे कैच में तब्दील करने में कोई गलती नहीं की। कुलदीप ने तीसरे सत्र के शुरू में कप्तान टिम पेन (पांच) को बोल्ड करके ऑस्ट्रेलियाई खेमे की चिंंता बढ़ा दी थी। मैच के पहले दो दिन भारतीय पारी का आकर्षण पुजारा (193) और ऋषभ पंत (नाबाद 159) के शतक रहे। भारत अभी चार मैचों की श्रृंखला में 2-1 से आगे चल रहा है। उसने एडिलेड और मेलबर्न में पहले और तीसरे मैच में जीत दर्ज की थी जबकि आस्ट्रेलिया ने पर्थ में दूसरा टेस्ट मैच अपने नाम किया था।

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