सिक्सर किंग युवराज ने क्रिकेट को कहा अलविदा

नई दिल्ली। सिक्सर किंग के नाम से मशहूर भारतीय क्रिकेट के स्टार ऑलराऊंडर युवराज सिंह ने आखिरकार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले ही लिया है। युवराज ने बीते दिनों ही बीसीसीआई से जब विदेशी टी-20 लीग में खेलने की इजाजत मांगी थी। तभी यह साफ हो गया था कि वह संन्यास ले सकते हैं। इसीके तहत युवराज ने मुंबई में प्रेस कांफ्रेंस कर इसकी घोषणा की। युवराज प्रेस कांफ्रेंस के दौरान काफी भावुक दिखे। उन्होंने टीम इंडिया के साथ खेले गए अपने यादगारी मैचों को याद किया। और क्रिकेट वल्र्ड कप खेलने गई टीम इंडिया को अपनी शुभकामनाएं दीं।

युवराज ने रिटायरमैंट पर कहा कि 25 साल और 17 साल के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मेरे करियर के बाद अब मैंने आगे बढऩे का फैसला कर लिया है। इस खेल ने मुझे सिखाया है कि कैसे लड़ें, कैसे गिरें, कैसें उठें और फिर कैसे आगे बढ़ें। बता दें की युवराज ने 19 साल की उम्र में टीम इंडिया के लिए पहला वनडे मैच खेला था। भारत की अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप की जीत में हीरो रहे युवराज ने क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में खासी धूम मचाई।

रिटायरमैंट की बड़ी वजह

– युवराज ने भारत के लिए आखिरी वनडे जनवरी 2017 में तो टैस्ट दिसंबर 2012 में खेला था। इसके बाद से उन्हें टीम में जगह नहीं मिली।
– युवराज सिंह आईसीसी से मान्याता प्राप्त विदेशी टी-20 लीग में खेलना चाहते हैं। बीसीसीआई नियमों के अनुसार कोई भी भारतीय क्रिकेटर बिना परमिशन के विदेशी लीग में खेल नहीं सकता। अगर उसे खेलना है तो रिटायरमैंट लेनी पड़ेगी। युवराज ने टीम में वापसी का रास्ता बंद होता देख अब रिटायरमैंट लेने में ही भलाई समझी।
युवराज का प्रदर्शन

युवराज के कुछ बड़े रिकॉर्ड

– 2007 के टी-20 वल्र्ड कप में उन्होंने एक ही ओवर में इंगलैंड के गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड को 6 छक्के मारे थे।
– 2007 में ही युवराज सिंह ने टी-20 क्रिकेट का सबसे तेज अर्धशतक 12 गेंदों में इंगलैंड के खिलाफ बनाया।
– क्रिकेट विश्व कप में 350 से अधिक रन बनाने और 15 विकेट लेने वाले युवराज पहले ऑलराउंडर हैं।
– युवराज क्रिकेट विश्व कप 2011 में मैन ऑफ द टूर्नामेंट भी रहे थे।
– युवराज को 2012 में अर्जुन पुरस्कार, 2014 में पद्म श्री पुरस्कार दिया गया।
– आईपीएल टूर्नामेंट में उनकी सबसे ज्यादा 16 करोड़ की बोली लग चुकी है।

कैंसर को हराया

2011 वर्ल्ड कप के बाद पता चला कि युवराज को कैंसर है। ट्रीटमेंट के लिए युवराज को अमरीका जाना पड़ा था। युवराज सिंह ने अपनी किताब में लिखा है कि जब उनका इलाज़ चल रहा था तब उन्हें कभी यह नहीं लगा था कि वह दोबारा क्रिकेट खेल पाएंगे। वह सिर्फ अपनी जान बचाना चाहते थे। उनके आदर्श सचिन तेंदुलकर और अनिल कुंबले जैसे खिलाड़ी युवराज से मिलने के लिए अस्पताल गए थे। करीब ढाई महीने तक युवराज सिंह का इलाज़ चला। युवराज ठीक होकर भारत लौटे। युवराज को टीम में वापसी के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। बीमार होने के बाद टीम में की वापसी इस बीमारी की वजह से करीब एक साल युवराज को क्रिकेट से दूर रहना पड़ा। जब वापस आए, तब वे उस फॉर्म में नहीं थे। आईपीएल से लेकर रणजी ट्रॉफी तक युवराज फ्लॉप हो रहे थे, लेकिन युवराज हार मानने वाले नहीं थे। एक तरफ अपनी फिटनेस बनाए रखते थे तो दूसरी तरफ फॉर्म में वापसी के लिए काफी मेहनत करते थे। टीम में आने के लिए उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। फिलहाल वह टीम से बाहर हैं। उन्होंने अपना आखिरी मैच जून 2017 को खेला था।

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