सहीराम ने किया गलत काम, रिश्वत लेते हुए पकड़ाए

कोटा। सुबह 10 बजेः तिरंगा फहराकर डिप्टी कमिश्नर सहीराम ने दी ईमानदारी की नसीहत, दोपहर 12 बजे खुद रिश्वत लेते हुए ईमानदारी का सबक भूल गए। जब उसके घर पर एसीबी ने छापे मारे तो अफसरों के होश उड़ गए। 42 प्लॉट व 22 दुकान पत्नी, 23 प्लॉट बेटे, खुद के नाम पर 23 प्लॉट, बाकी बहू के नाम पर। केंद्रीय नारकोटिक्स विभाग के डिप्टी कमिश्नर और आईआरएस अफसर डॉ. सही राम मीणा कोटा में सरकारी आवास पर एक लाख रुपए की रिश्वत लेते पकड़े गए। एसीबी ने उन्हें घूस की राशि देने वाले अफीम काश्तकार के बेटे और दलाल कमलेश धाकड़ को भी गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर झंडारोहण के करीब दो घंटे बाद ही सहीराम रिश्वत लेते पकड़े गए, जबकि झंडारोहण करते समय सहीराम ने कर्मचारियों को ईमानदारी से काम करने की नसीहत दी थी।

एसीबी अफसरों ने मीणा के कोटा और जयपुर आवासों की तलाशी ली तो 2.30 करोड़ रुपए नकद मिले। एक के बाद एक 106 प्लॉटों, फ्लेटों और कई दुकानों के दस्तावेज बरामद हुए। करीब 6.22 लाख की कीमत के सोने-चांदी के आभूषण मिले। पेट्रोल पंप, मैरिज गार्डन, कृषि भूमि सहित करीब 300 करोड़ रु. की संपत्ति मिली।

उन्होंने आगे बताया कि जमीन, कैश और ज्वेलरी के अलावा उन्हें छापे में 4 महंगी कार, 4 बड़े चक्के वाले ट्रक, 15 बैंक खाते और बैंक लॉकर्स भी मिले हैं। डॉ. सहीराम मीणा ने अपनी पत्नी प्रेमलता के नाम 42, बेटे मनीष के नाम 23 प्लॉट कर रखे हैं। उनकी भी जांच की जा रही है।

बताया जा रहा है कि राजस्थान एसीबी मुख्यालय को एक सूचना मिली थी कि अफीम लाइसेंस धारियों से नारकोटिक्स विभाग कोटा के अधिकारी अफीम पट्टा को लेकर अवैध रिश्वत लेते थे. इसके बाद एसीबी टीम ने पैसों की दलाली करने वाले कमलेश धाकड़ का मोबाइल सर्विलांस पर लगाया। इसमें पता लगा कि आईआरएस हीरा मीणा रिश्वत मांग रहे हैं। इसके बाद उन्हें ट्रैप बिछाकर गिरफ्तार कर लिया गया।

गणतंत्र दिवस पर ये बोले मीणा
नारकोटिक्स विभाग के मुखिया होने के नाते सहीराम मीणा ने कोटा स्थित अपने कार्यालय में सुबह करीब 10 बजे झंडारोहण किया। अपने भाषण में कहा- सभी कर्मचारी ईमानदारी से रहेें, ईमानदारी से काम करें। भाषण खत्म होने के बाद कर्मचारियों ने जोरदार तालियां बजाई। इसके बाद सहीराम रिश्वत लेते हुए पकड़ाए।

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