सत्ता की कुर्सी न मिली तो उठा ले गए सत्ता की कुर्सियां

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव सिर पर आ गया है। चुनाव के मद्देनज़र पार्टियों के द्वारा टिकट काटने का सिलसिला जारी है। सभी पार्टियों ने अपने-अपने प्रत्याशियों की सूची करीब-करीब तैयार कर ली है। कोई टिकट मिलने से खुश है, तो कोई दुखी। हाल ही में एक खबर सामने आयी है कि एक विधायक ने टिकट न मिलने पर अपनी नाराजगी अजब-गजब तरीके से जताई है।

दरअसल लोकसभा टिकट न मिलने पर कांग्रेस विधायक अब्दुल सत्तार ने अपने समर्थकों की मदद से पार्टी के स्थानीय कार्यालय से 300 कुर्सियां उठवा लीं। इतना ही नहीं, उन्होंने पार्टी की सदस्यता भी छोड़ दी। अब बताइये ऐसी नाराजगी आपने पहले कभी देखी है! यह तो वही बात हो गयी कि अगर ‘सत्ता में कुर्सी नहीं मिली, तो सत्ता की ही कुर्सी लेते जाएंगे’।

अब्दुल सत्तार महाराष्ट्र के सिलोद से विधायक हैं। सत्तार को उम्मीद थी कि इस बार पार्टी उन्हें औरंगाबाद सीट से लोकसभा का टिकट देगी। मगर इस सीट पर विधान परिषद सदस्य सुभाष झंबाद को टिकट दिया गया है, जिससे सत्तार नाराज हो गए हैं।

यह घटना पार्टी के अंदर ही नहीं, बाहर भी चर्चा में बनी हुई है। सत्तार ने कुर्सियां उठवाने के सन्दर्भ में अपनी बात रखी कि सारी कुर्सियां उनकी थीं। कांग्रेस की बैठकों के लिए कुर्सियों को उपलब्ध कराया गया था। अब पार्टी छोड़ दी है इसलिए कुर्सियां भी ले ली हैं। जिन्हें टिकट मिला है, वे अपनी व्यवस्था खुद करें।

सत्तार ने कहा कि मैंने अपने क्षेत्र में बहुत काम किया है, इसलिए टिकट तो मुझे ही मिलना चाहिए था। मगर हम तो नेता जी से बस यही कहना चाहते हैं कि प्यार और राजनीति में सब कुछ संभव है। वैसे आप खुद को निराश मत कीजियेगा। आप जहाँ चाहें 300 कुर्सियों की मदद से शहर का चक्का जाम करवा सकते हैं।

बता दें की यह नाराजगी का यह पहला मामला नहीं है। देश भर से टिकट नहीं दिए जाने पर नेताओं की नाराजगी की खबरें लगातार आ रही हैं।

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