संकल्प यात्रा में भाग ना ले और गांधी को पिता से पुत्र का ओहदा देने वाली साध्वी नही बदलेगी अपने सिद्धांत

मध्यप्रदेश (भोपाल) : इन दिनों गांधी संकल्प यात्रा में शामिल न होने को लेकर साध्वी प्रज्ञा मीडिया के निशाने पर हैं। गांधी संकल्‍प यात्रा 2 अक्टूबर से शुरू हुई थी और 14 अक्टूबर तक एक भी दिन साध्वी प्रज्ञा इसमें शामिल नहीं हुई हैं। उल्लेखनीय है कि बीजेपी ने अपने सभी सांसदों के लिए अपने संसदीय क्षेत्र में 150 किमी की पदयात्रा अनिवार्य की थी और जो सांसद पदयात्रा करने में सक्षम नहीं हैं उनके लिए रिले फॉर्म में पदयात्रा में शामिल होने का विकल्प रखा गया थासाध्वी प्रज्ञा ने कहा कि, ‘मैं गांधीजी को भी भगवान राम, कृष्ण और महाराणा प्रताप की तरह राष्ट्रपुत्र मानती हूं, जिन्होंने देश के लिए काम किया है।’

साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि, ‘वो हमारे आदरणीय हैं और हम उनके कदमों पर चलते हैं। जो मार्गदर्शन देकर गए हैं, हम उनका गुणगान करते हैं।’ साध्वी प्रज्ञा ने गांधी संकल्प यात्रा से दूरी के सवाल पर कहा कि, ‘मैं अपने सिद्धांतों पर अडिग हूं, मैं किसी के कहने से अपने सिद्धांतों को नहीं बदलने वाली।’

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