शिकारियों के लिए फैलाए करंट की चपेट में आकर तेंदुए की मौत, 4 गिरफ्तार में

अनूपपुर। वन परिक्षेत्र अनूपपुर अंतर्गत बीट किरर के जंगल में शिकारियों द्वारा 11 हजार केव्ही विद्युत लाईन से लगाए गए जीआई तार के करेंट की जाल में चपेट में आकर 3 वर्ष के नर तेन्दुए की मौत हो गई। शिकारियों ने तेंदुए के शव को घटना स्थल से दो किमी दूर फेंक दिया था। जहां मुखबिर की सूचना पर वन विभाग द्वारा तेन्दुए का शव बरामद कर ग्राम अकुआ के 4 शिकारियों को 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके पास से शिकार में उपयोग की गई सामग्री को जब्त करते हुए सोमवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हे जेल भेज दिया गया।

मामले की जानकारी देते हुए परिक्षेत्राधिकारी ए.के.निगम ने बताया कि 19 जनवरी की रात मुखबिर द्वारा ग्राम अकुआ के हॉथीगोड़ा जंगल में एक जंगली जानवर के मृत स्थिति में पड़े होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही मौके पर परिक्षेत्र सहायक किरर रिचर्ड रेगीराव, वन चौकी किरर प्रभारी संतोष श्रीवास्तव, वनरक्षक किरर हरिशंकर महरा, सुरक्षा श्रमिकों के साथ स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे जहां उन्हें तीन वर्ष का नर तेन्दुआ मृत स्थिति में पड़ा हुआ मिला था। जिसके आगे के दोनो पैर एवं पीछे का एक पैर जीआई तार से बंधा हुआ रहा, जिसकी सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दिए। जिसमें ग्राम अकुआ निवासी रामलाल बैगा 20 वर्ष, भागचंद उम्र 21 वर्ष को जंगली जानवर के शिकार के लिए गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने रामदुलारे के खेत के पास 1500 मीटर के लगभग लकड़ी की खूटी के बीच तार से फंदा बनाकर सुअर, चीतल के लिए करंट बिछाया था। लेकिन उनकी जगह नर तेन्दुआ करंट के चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई।

इसके बाद रामलाल बैगा ने अपने दोस्त पक्कू को बुलाया। जिसके साथ शम्भू भी पहुंचा जिन्होंने मृत तेन्दुए के आगे के दोनों पैर एवं पीछे का पैर तार से बांधकर दूर ले जाकर फेंक दिया। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए जंगल में बिछाए गए 1500 मीटर जीआई तार, 1 लकडी की खूटी, 2 मोबाईल जब्त करते हुए वन अपराध क्रमांक 4489/3 दर्ज कर वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 2 (16) 9, 39, 50, 51 के तहत गिरफ्तार कर कोर्ट में आज प्रस्तुत किया जिसके बाद सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया।

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