*शराब के सौदागरों का ख़ूनी खेल: दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग कर दहला गया शहर!!*

अनम इब्राहिम
7771851163

*!!!अपराध का गढ़ बनता बैरागढ़!!!*

≈जनसम्पर्क-life≈

“`□ शांति का टापू कहे जाने वाले भोपाल के शुरुवाती छोर पर छिछले थाना बैरागढ़ इलाक़े में पुलिस की लापरवाही, अनदेखी और ढील के चलते फिर बरपा दहशतज़दा हंगामा।□`

*भोपाल-मध्यप्रदेश* मामला कुछ यूं गुज़रा की जैसे ही मंगलवार का दिन शबाब पर चढ़ा वैसे ही ठाएं-ठाएं की धमकदार गूंज ने दिनदहाड़े राहचलतों के दिल धक से दहला दिए ताबड़तोड़ बंदूक से बरसते गर्म लोहे के ज़ोरदार शोर को देखने वाले कुछ लोग तो दुम दबाकर भागते नज़र आए तो कुछ वहीं दुबककर दबकर जगह पर ही छुप गए और जिन्होंने सिर्फ़ आवाज़ सुनी वो लोग पता नहींं ना जाने कहा गए….
वैसे तो बैरागढ़ इलाक़े में अनेकों गुनाहखाने मौज़ूद हैं जहां शराब के अवैध प्यालों के साथ ही क़बाब और संगीत के साउंड पर थिरकती डबल क्लीवेजधारी सुंदरियों की भी उत्तम व्यवस्था है परन्तु थाना बैरागढ़ स्थित दो मदिरालय के लायसेंसधारी ठेकेदारों के दरमियां छिड़ी वर्चस्व की जंग का सिलसिला यहां के समाज को नशेला ही नहीं बल्कि पूरी तरह भयभीत भी बना रहा है! दोनों ठेकेदारों के बीच इलाक़े में अवैध शराब की ज़्यादा से ज़्यादा खपत को लेकर आए दिन गैंगवार चलते रहता है। यही वजह है कि वाईनशॉप के अलावा ये ही ठेकेदार दर्ज़नों रेस्टोरेंट होटलों व ढाबों पर भी अवैध शराब सप्लाई कर शराब को सस्ता कर के समाज को नशे में धुत कर देते हैं फिर दिनदहाड़े बंदूक से बारूद बरसा ठाएं—ठाएं कर सबके नशे भी उतार देते हैं। कल दोपहर 1 बजे भी यहां कुछ यूं ही हुआ जब शराब के लायसेंस धारक सौदागर किशन आसुदानी प्लाजा रेस्टोरेंट एंड भोजनालय एंड अवैध मयख़ाने पर अपने कर्मचारियों के साथ हिसाब क़िताब कर रहे थे तभी सोम वाले ठेकेदार की गैंग दो बोलेरो भर कर प्लाज़ा चकनाघर व अवैध शराबखाने पर जा धमकी। जिसमें से धड़ाधड़ लगभग एक दर्ज़न नुमाइंदे छबीले पहलवान नामक सरग़ना के साथ मय हथियार के उतरे। एक ने अपनी बंदूक की नाली का रुख़ किशन आसुदानी के ज़ानिब कर लिया तो दूसरे ने आसमान की तरफ़ नाल कर के हवाई फ़ायर कर एक गोली बर्बाद कर दी। इधर अचानक हुए हमले से आसुदानी के लोग संभल पाते उससे पहले ही बंदूकधारी ने दूसरा फ़ायर कर दिया जो सीधा दिनेश नामक युवक के पैर में जा धंसा और तीसरा कारतूस बिना नुक्सानदारी के दरवाज़े पर जा पड़ा। लेकिन चौथे फ़ायर ने वीरू नामक युवक के पांव में घर कर लिया लिहाज़ा फ़िल्मी तर्ज़ पर अंधाधुन बंदूक की गूंज से देहस्तिया माहौल बना सोम शराब के ठेकेदार जगदीश अरोड़ा के गुर्गे बोलेरो में भर मौक़े से 9 दो 11 हो गए। जिसके बाद मामले की भनक लगते ही पुलिस के आला अधिकारी हरक़त में आ गए और डीआईजी इरशाद वली के हुक्म की तामील करते हुए उत्तर एसपी शैलेन्द्र सिंह चौहान व ASP दिनेश कौशल ने नाकाबंदी कर हाईवे पर ही अपराधियों की धड़पकड़कर दबोचने के लिए जाल बुन दिया जिसके बाद घण्टे भी नहीं गुज़रे की कोलूखेड़ी के मयख़ाने के पीछे से छबीले पहलवान व उसके गुर्गों को दबोच लिया गया। बहरहाल फ़रियादी जीतेंद्र की शिकायत पर वैसे तो अपराध क्र.389 के चलते दफ़ा 147/48/49 307 के तहत कुल 8 आरोपियों पर मुक़दमा दर्ज़ कर लिया गया लेकिन अपराध का गढ़ बनते बैरागढ़ को इन गिरफ्तारियां से कोई फरक नहीं पड़ता क्योंकी हादसों को हगते इस इलाक़े में अपराध के पनपने की जड़ खुद थाना स्तर की पुलिस है जो ढाबों, रेस्टोरेंट, हुक्का क्लब पर शराब, जुआं सट्टा जैसे घिनौने धंदे को ढील देते जा रही है यहीं वजह है कि आए दिन इलाक़े को अनचाही वारदातें ख़ौफ़ज़दा कर देती है…

○ जल्द ही पढ़िए *जनसम्पर्क life* में अपराध का गढ़ बनते बैरागढ़ के काले कारोबार की ज़मीनी कारगुज़ारी तब तक के लिए बेख़ौफ़ रहे लापरवाह रहे लेकिन अपने इर्दगिर्द गिध की नज़र रखे कहीं ऐसा ना हो दूसरों पर दागी हुई गोली आप के बदन को अपना घर बना ले !

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