वायुसेना अधिकारी की गलती से हुआ था MI-17 चॉपर क्रैश, 6 अधिकारियों की हुई थी मौत

नई दिल्ली। 27 फरवरी 2019 को MI-17 चॉपर हादसे का शिकार हो गया था। इस हादसे में वायूसेना के 6 अधिकारियों की मौत हो गई थी। चॉपर हादसा बडगाम के पास तब हुआ था जब बालाकोट एयर स्ट्राइक के जवाब में पाकिस्तान ने भारतीय सेना के सैन्य ठिकानों पर हमला किया था। हादसे के समय एमआई-17 चॉपर में वायुसेना के छह जवान थे। इस मामले की जांच पूरी हो गई है, जांच में सामने आया है कि इस हादसे का मुख्य कारण एक वायुसेना के अधिकारी द्वारा एयर ट्रैफिक कंट्रोल में कन्फ्यूजन पैदा करना हो सकता है। यह हादसा बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद हुआ था।

जानकारी के मुताबिक वायु सेना के सूत्रों ने जानकारी दी कि जांच में पता चला है कि एक अधिकारी ने एटीसी टॉवर में एमआई-17 विमान को बेस पर लौटने के लिए क्लियर किया, वहीं दूसरी ओर अधिकारी ने एयर डिफेंस यूनिट से संपर्क कर कहा कि एयर बेस पर लैंड करने वाला अब कोई विमान नहीं है।

जांच के दौरान, यह पता चला कि अधिकारी ने पहले एक मिशन पर जा रहे एएमआई-17 विमान को श्रीनगर एयर बेस पर लौटने के लिए कहा और जब एयर डिफेंस अधिकारियों ने उससे पूछा कि क्या अपना कोई विमान एयर बेस की ओर आ रहा है तो उन्हें बताया गया कि कोई चॉपर या विमान बेस की परिधि में नहीं था।’

सूत्रों के मुताबिक इस हादसे की कोर्ट ऑफ इंक्वायरी एक बार पूरी हो चुकी थी लेकिन इसे दोबारा शुरू किया गया है क्योंकि ट्रायल का सामना कर रहे अधिकारी मामले में और गवाहों से सवाल करना चाहते थे। एटीसी में अधिकारी के अलावा एयर बेस के एयर डिफेंस में एक अन्य अधिकारी पर कोर्ट मार्शल की कार्रवाई हो सकती है। वायुसेना और सरकार के शीर्ष अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए।

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