रिश्‍तेदार ने बनाया हवस का शिकार, अजनबियों से मदद मांगी तो किया उन्होंने भी किया गैंगरेप

नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने 7 साल बाद बलात्कार के दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। पीड़िता के साथ उसके अपने रिश्तेदार और बाद में कुछ अजनबियों ने रेप किया था। पीड़िता के साथ जब घिनौनी वारदात को अंजाम दिया गया, तब वह नाबालिग थी। रिश्तेदार की हवस का शिकार बनने के बाद पीड़िता ने कुछ अजनबियों से मदद मांगी तो उन्होंने भी उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया था।

पीड़िता के साथ जब रेप की वारदात हुई, उस वक्त उसने नवरात्र का व्रत रखा हुआ था। टीओआई की खबर के मुताबिक मामला 7 अप्रैल 2011 का है। मूल रूप से उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाली पीड़िता अपने माता-पिता के साथ फरीदाबाद में रह रही थी। उस दिन आरोपी अपनी पत्नी के साथ पीड़िता के घर आया था। आरोपी ने कहा कि उसकी कंपनी में कर्मचारियों को गिफ्ट दिए जा रहे हैं लेकिन एक शर्त पर। जो लोग अपनी बेटी को साथ लाएंगे उन्हें गिफ्ट दिए जाएंगे। आरोपी ने कहा कि उसकी बेटी घर में नहीं है इसलिए पीड़िता को बेटी बनाकर अगले दिन साथ ले जाने के लिए उसके माता-पिता से अनुमति मांगी।

आरोपी ने कहा कि शाम को वह लड़की को घर छोड़ जाएगा तो माता-पिता ने उसे अनुमति दे दी। आरोपी पीड़िता को अपनी कंपनी के बजाय अपने घर ले गया। आरोपी की पत्नी पीड़िता के माता-पिता के साथ ही चली गई क्योंकि उसे फरीदाबाद में डॉक्टर के यहां जाना था। पीड़िता को घर पर छोड़कर आरोपी कंपनी चला गया और शाम को कुछ गिफ्ट के साथ लौटा। उसने कहा कि कंपनी ने कोई गिफ्ट नहीं दिया है।

लड़की को जब वापस उसके घर छोड़ने का वक्त आया तो आरोपी बीमार होने का नाटक करने लगा। उस वक्त लड़की उस शख्स के साथ घर में अकेली थी। आरोपी ने लड़की के ऊपर ऐसा परफ्यूम छिड़क दिया जिससे वह बेसुध हो गई। उसके बाद आरोपी ने लड़की को अपनी हवस का शिकार बनाया। इसके बाद लड़की वहां से भाग गई।

बिजेंदर नाम के शख्स ने मदद के नाम पर उसे कार में लिफ्ट दी। इसके बाद कार में परवीन और विनोद नाम के दो और शख्स चढ़े। इसके बाद तीनों ने पीड़िता को मारा-पीटा और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। किसी राहगीर ने लड़की की चीख-पुकार सुनकर पुलिस को इत्तला दे दी।

बाद में चार में से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया लेकिन वे बच गए। अदालत ने दोषियों तो उम्रकैद के साथ 4.5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने यह भी आदेश दिया है कि पीड़िता को पांच लाख रुपये मुआवजा दिया जाए।

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