राजस्थान के बाड़मेर में बारिश के चलते पंडाल गिरा, रामकथा सुन रहे 16 लोगों की मौत

बाड़मेर। राजस्थान के बाड़मेर में एक दर्दनाक हादसा हो गया है। यहां जसोल में रामकथा के दौरान बारिश और तूफान आने से पंडाल गिर गया। इस हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई। जबकि 50 के करीब लोग घायल हो गए। ये हादसा उस समय हुआ, जब पंडाल के नीचे रामकथा चल ही थी और काफी मात्रा में लोग मौजूद थे। यहां रामकथा के दाैरान उठे बवंडर से पहले ताे लाेहे के पाइपाें से बना पांडाल (डोम) 20 फीट ऊपर तक उड़ गया, फिर नीचे गिरा। इसके बाद उसमें करंट दाैड़ गया। जिससे 16 श्रद्धालुओं की मौत हाे गई, जबकि 50 से अधिक घायल है। हवा का वेग इतना तेज था कि करीब डेढ़ मिनट में ही पूरा पांडाल तहस-नहस हाे गया और किसी को संभलने का मौका भी नहीं मिला।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मरने वाले के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये और घायलों को 2 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है। केंद्रीय मंत्री और बाड़मेर से सांसद कैलाश चौधरी ने अस्पताल का दौरा किया जहां लोगों का इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा कि घटना बहुत ही दर्दनाक है। मैंने गृह मंत्री अमित शाह और सीएम से बात की है। मैं लगातार प्रशासन के संपर्क में हूं।

बताया जा रहा है कि बारिश होने की वजह से पंडाल में करंट भी फैल गया था। जब पंडाल गिरा उस वक्त काफी भगदड़ मच गई थी। भगदड़ की वजह से ज्यादा लोगों की मौत हुई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अचानक आई बारिश की वजह से पंडाल अचानक से भड़भड़ा कर गिर गई। पंडाल लोहे की रॉड पर टिकी थी। लोगों के मुताबिक पंडाल गिरने के बाद पंडाल में करंट भी फैल गया। जिसकी वजह से ना तो लोग भाग पाए और ना ही बच पाए। बिजली की लाइन काटते-काटते 16 लोगों की मौत हो गई। बताया ये भी जा रहा है कि ज्यादातर मौतें दम घुटने और करंट लगने की वजह से हुई है।

पीएम मोदी ने दुख जताया
इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि राजस्थान के बाड़मेर में पंडाल का गिरना दुर्भाग्यपूर्ण है। मेरे संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं और मैं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।

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