राजनाथ के इशारे पर आतंकी बने सुतली बमधारी या #NIA का मोदी है मदारी?

अनम इब्राहिम

हिंदुस्तान : माँ भारती की गोद मे करोड़ो लाल अभी भी सीने से लग कर दूध पी रहे है तो कुछ गोद मे ही मचल कर माँ भारती की जांगो पर एड़ियां रगड़ बिफर कर रो रहे है तो कुछ मुस्कुराते हुए खेल रहे है। ये सब माँ भारती के वो नन्हे लाल है जिनके हिस्से में ममता आई है लेकिन जो नाफ़रमान ज्ञानी लाल है वो माँ भारती को बूढ़ी कमज़ोर समझ के गाल पर हिंसा के तमाचे जड़ रहे है। ज़ुल्म ढाह रहे है और माँ भारती के कमज़ोर जिस्म के हिस्से अमन एकता भाईचारे पर सोशल मीडिया #ट्यूटर फेसबुक व्हाटऐप्स पर लाठियां चला हंगामा बरपा रहे है। 2019 कि चुनावी चादर बिछने से पहले ही जात-पात का कार्ड चला सियासी शैतानों के इशारों पर माहौल तैयार कर रहे है!!!

#NIA क्यों है ख़ामोश? क्या राष्ट्रीय सुरक्षा की आड़ में 19 का चुनावी मैदान तैयार करने के लिए NIA का इस्तेमाल हुआ? या वास्तव में NIA के लिए हँसी का पात्र बने आतंकी सोहेल, अनस युसुन, राशिद ज़फ़र, सईद, रईश, ज़ुबैर, ज़ैद, साक़ीब, इरशाद, आज़म रॉकेट लॉन्चर को कई शहरों के बीच मौत बनाकर छोड़ने वाले थे? इन तमाम सवालों के जवाब #BBC हिंदी ने मौक़े का मुकम्मल मुआयना करके जुटाया है ।

खैर 2019 देश के सियासतदार पहलवानो के लिए तख्तोताज को हासिल करने का एक चुनावी अखाड़ा है जहां बाज़ुओं के ज़ोर पर विरोधी को चारोखने चित करने का रिवाज़ नही है बल्कि षड्यन्त, धोका, फ़रेब, छल व मज़हबी नफ़रत के खंज़रो से एक दूसरे को घायल कर पराजित करने कि परम्परा है। हाल ही में #NIA के क़िरदार को भी कुछ इसी तरह से देशभर के नामचीन पत्रकार और राजनेता ट्यूटर पर शक के कटघरे में ला खड़ा कर रहे है। सोशल मीडिया पर लगातार देश के बड़े-बड़े मशहूर वरिष्ठ लोग भी अब पाकिस्तान, यूके को टेग कर के NIA की कार्यवाही को मज़ाकिया जुमला बना पेश करते नज़र आ रहे है।
वजह सिर्फ़ NIA के आईजी आलोक मित्तल की बेतुकी बयानबाज़ी और अजित डोवल की हर सवाल पर ख़ामोशी है। बहरहाल #NIA की तहक़ीक़ात को तमाशा बनते देख राष्ट्रीय सुरक्षा के मुखियां राजनाथ भी बौखला गए और सोशल मीडिया पर पत्रकारों पर पलटवार करते हुए NIA का पक्ष ज़ाहिर करने लगे। बहरहाल जो भी हो देश की सबसे बड़ी सुरक्षा एजेंसी #NIA की कार्यवाही को आज दुनिया शक की निगाह से निहार रही है। अब देखना ये ही कि मामले की वास्तविकता के साक्षो को NIA पेश करती है या अपनी कार्यवाही को झूठा बता माफ़ी मांग हाथ खड़े करती है?

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