रतलाम: आश्रय गृह में होता था बालिकाओं का शारीरिक शोषण, 1 महिला सहित चार गिरफ्तार

रतलाम। मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के जावरा में कुन्दन वेलफेयर आर्गनाइजेशन द्वारा संचालित कुंदन कुटीर बालिका आश्रय गृह में बालिकाओं के शारीरिक शोषण की बात सामने आने के बाद गुरुवार को इसे सील करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। चारों आरोपितों को आज शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। बाल-कल्याण समिति द्वारा कुन्दन वेलफेयर आर्गनाइजेशन का संचालन किया जाता है। राज्य शासन से लाखों रुपये का अनुदान आश्रय गृह को मिलता था। जो चार आरोपित गिरफ्तार किए गए हैं उनमें समिति के अध्यक्ष संदेश जैन, सचिव डॉ. रचना भारती, सदस्य ओमप्रकाश भारती और दिलीप बरैया शामिल हैं। गत 24 जनवरी को आश्रय गृह की पांच नाबालिग लड़कियां खाना नहीं मिलने और ठंड में कपड़े नहीं मिलने के कारण आश्रय गृह की खिड़की से फरार हो गई थीं, जिन्हें पुलिस ने मंदसौर से पकड़ा था। कलेक्टर रुचिका चौहान ने जावरा के एसडीएम एमएल आरिफ को मामले की जांच के आदेश दिए थे। जांच रिपोर्ट के बाद कलेक्टर ने बाल आश्रय गृह की सभी 25 लड़कियों को रतलाम स्थित रतलाम वन स्टाफ सेंटर में अस्थायी रूप से शिफ्ट कर दिया और आश्रय गृह को सील कर दिया है। बाद में इन बालिकाओं को उज्जैन के शासकीय बालगृह में भेजा जाएगा।

जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई करते हुए अध्यक्ष संदेश जैन, सचिव डॉ. रचना भारती, संचालक दिलीप बरैया और डॉ. रचना भारती के पति ओमप्रकाश भारती के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया। गुरुवार सुबह तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि संदेश जैन की गिरफ्तारी शाम को हुई। एसडीएम आरिफ के अनुसार सभी बालिकाओं के बयान दर्ज किए गए हैं। उसी आधार पर चार लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए गए हैं और कलेक्टर को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने पत्रकारों को बताया कि आश्रय गृह के संचालकों के विरुद्ध आईपीसी की धारा 376, 323, 354 तथा पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर सभी आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। बालिकाओं के बयान में संचालिका रचना भारती द्वारा शराब पीकर मारपीट करने का आरोप भी लगाया गया और शारीरिक शोषण व प्रताड़ना के आरोप भी लगाए गए हैं। उन्हीं आधार पर बलात्कार, मारपीट व छेड़छाड़ की धाराएं लगाई गई हैं। जांच जारी है। यदि और भी दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि बालिकाओं के छात्रावासों पर निगरानी रखी जाएगी, लेकिन बालकों के छात्रावास पर भी निगरानी के निर्देश दिए जा रहे हैं।

वहीं कलेक्टर रूचिका चौहान का कहना है कि यह मामला बड़ा गंभीर है, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। यह भी पता चला है कि भागी हुई लड़कियों में एक लड़की गर्भवती भी थी। अन्य का मेडिकल परीक्षण भी करवाया जा रहा है, ताकि आश्रय गृह की स्थिति का और अधिक पता लग सके। आश्रय गृृह की गतिविधियों की व्यापक पड़ताल के लिए आश्रय गृह को सील कर दिया गया है। इसके साथ ही कलेक्टर चौहान ने पूर्व महिला सशक्तिकरण अधिकारी रविन्द्र मिश्रा के निलंबन का प्रस्ताव भी शासन को भेजा है। कलेक्टर का कहना है कि इस मामले में उनकी लापरवाही सामने आई है। इसलिए उनके निलंबन का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।

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