यूपीपीएससी में धांधली उजागर: अखिलेश ने भाजपा पर लगाए अनगिनत आरोप

लखनऊ। योगी के राज्य उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षा में पेपर लीक होने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। छोटी परीक्षाओं से लेकर बड़ी परीक्षाओं में पेपर में सेंधमारी करके पेपर लीक जैसी घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। इस लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) में धांधली उजागर होने के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला है। अखिलेश ने कहा है कि कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकारों को युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने में कतई संकोच नहीं हैं।

यादव ने कहा कि नौजवान सालभर परीक्षा की तैयारी करते हैं और आखिर में पेपरलीक के बहाने परीक्षाएं स्थगित हो जाती है। माफिया गिरोहों और भ्रष्ट अफसरशाही की सांठगांठ के चलते घूसखोरी और भ्रष्टाचार का खेल निरंकुश तरीके से चलता है। उन्होंने कहा कि यूपीपीएससी के मौजूदा सचिव और परीक्षा नियंत्रक की एक डिफाल्टर प्रिंटिग प्रेस मालिक से मिली भगत के चलते पेपरलीक से 10 भर्ती परीक्षाएं स्थगित हो गई हैं। हजारों छात्रों का भविष्य अंधेरे में हो गया। उनका मनोबल टूट गया। अपने भविष्य को लेकर चिंतित नौजवानों ने जब प्रयागराज स्थित आयोग कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण और अहिंसक धरना-प्रदर्शन किया तो उन पर लाठियां बरसाई गई। इस लाठीचार्ज से भाजपा सरकार का अमानवीय चेहरा सामने आया है। इस अवैधानिक कृृत्य की जितनी निंदा की जाए कम है।

सपा अध्यक्ष ने कहा भाजपा ने युवा पीढ़ी के साथ छल करने के साथ युवाओं के सपनोें को तोड़ने का पाप किया है। छात्रों-नौजवानों के साथ प्रति भाजपा सरकार का रवैया हमेशा प्रतिशोध का रहा है। विश्वविद्यालयों में छात्रों की वैध मांग करने पर बर्बर लाठीचार्ज के अलावा गिरफ्तारी और जेल यातना सहनी पड़ती है। उन्होने कहा कि आयोग के कार्यों में पारदर्शिता और परीक्षाओं में निष्पक्षता के लिए जरूरी है कि लोकसेवा आयोग में 2017 से अब तक हुई परीक्षाओं की सीबीआई जांच के साथ गड़बड़ी में शामिल अन्य अधिकारियों को भी बर्खास्त किया जाए। प्रिंटिग प्रेस व अन्य संवेदनशील कार्य यूपीएससी के अधीन हो। परीक्षा नियंत्रक के कार्यकाल की सभी परीक्षाएं निरस्त की जाएं।

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