मोेदी सरकार में इस बार नहीं होगा कोई नेता विपक्ष

नई दिल्ली। कल 23 मई को लोकसभा चुनावों का परिणाम आया जिसमें भाजपा को पूर्ण बहुमत से साथ जीत मिली। भाजपा ने पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी अपनी स्थिति मजबूत कर विरोधियों की बोलती बंद कर दी है। इसके साथ ही भाजपा ने कहा है कि इस बार हो सकता है किसी को भी नेता विपक्ष का पद न दे। तो ऐसे में इस बार यह पद खाली रहने की संभावना है। कांग्रेस को भी नेता विपक्ष का पद मिलना आसान नहीं है क्योंकि भले ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को केरल की वायनाड सीट से जीत मिली हो लेकिन पार्टी को इस बार सिर्फ 52 सीटें मिलीं। परंपरा के मुताबिक, विपक्ष के नेता का पद सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता को तो मिल सकता है, लेकिन उस दल की लोकसभा में 10% सीटें यानी कम से कम 55 सीटें होना जरूरी है।

बता दें कि 16वीं लोकसभा में कांग्रेस को 44 सीटें मिली थीं। कांग्रेस सबसे बड़ा विपक्षी दल होने के नाते अपने सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए विपक्ष के नेता का पद मांग रही थी। काफी मुश्किलों के बाद मल्लिकार्जुन खड़गे विपक्ष के नेता पद के लिए चुने गए थे। खड़गे को सबसे बड़े विपक्षी दल का नेता होने के चलते लोकपाल चयन समिति में शामिल किया गया था।

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति की बैठक में शामिल होने के लिए खड़गे को सात बार निमंत्रण भेजा गया था, लेकिन उन्होंने हर बार इससे इनकार कर दिया। उनका कहना था कि उन्हें विपक्ष के नेता की हैसियत से नहीं, बल्कि स्पेशल इनवाइटी के तौर पर बुलाया जा रहा है। इसलिए वे बैठक में शामिल नहीं होंगे।

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