मुख्यमंत्री शिवराज ने की बैठक- ज़ीका वायरस से नही हुई प्रदेश में कोई मृत्यु, लेंगे नगर निगम का सहयोग

भोपाल। मध्य प्रदेश

हाल ही में जिका वायरस से 2 लोग अपनी जाने गवा चुके हैं। डॉक्टरों और जानकारों के मुताबिक सबसे ज्यादा खतरा जिका वायरस से गर्भवती महिलाओं और बच्चों को है, प्रदेश में जीका वायरस से पीड़ित लोगों का आंकड़ा दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है और अब 100 की सीमा भी पार कर चुका है।
राजस्थान के बाद मध्य प्रदेश दूसरा प्रदेश है जहां पर जिका वायरस के इतने सारे मामले देखे गए हैं।
प्रदेश के शहरों में जीका वायरस का प्रभाव होने संबंधी सूचनाओं को ध्यान में रखते हुए जिलों में रोकथाम के पर्याप्त उपाए सरकार द्वारा किए जा रहे हैं। जिलों में चिकित्सकों के निर्देशन में सर्वेक्षण दलों का गठन किया गया है और प्रारंभिक लक्षणों वाले व्यक्तियों के खून और पेशाब की जाँच की जा रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कल अपने निवास पर स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक बुलाकर जीका वायरस को रोकने के लिये सभी उपाय करने के निर्देश भी दिये हैं।

मुख्यमंत्री ने विभागीय तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की और उठाये गये कदमों पर संतोष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने जीका वायरस के रोकथाम की कार्य-योजना के क्रियान्वयन की तैयारियों को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिये।

बैठक में बताया गया कि जीका वायरस से प्रदेश में अभी तक एक भी मृत्यु नहीं होना पाया गया है। जानकारी दी गयी कि जीका एक सामान्य वायरस है, इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है।

सभी जिलों में सामान्य बुखार आने पर भी जाँच की व्यवस्था की गई है। गर्भवती महिलाओं की जाँच के विशेष इंतजाम किये गये हैं। मच्छरों से बचाने के लिये नगर निगम के सहयोग से फागिंग मशीन का उपयोग किया जा रहा है। लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिये सभी कदम उठाये जा रहे हैं। भोपाल, विदिशा और सीहोर शहरों में विशेष उपाय किये गये हैं। लोगों को मच्छरों से बचाव के उपाय करने के लिये प्रेरित भी किया जा रहा है। साथ ही जिला अस्पतालों में वायरस की जाँच के लिये लैब की सुविधा को और ज्यादा सुदृढ़ बनाया गया है ताकि संभावित प्रकरणों की जल्दी जाँच हो। स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी पुणे से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं।

अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य ने जीका वायरस रोग से बचाव संबंधित रोकथाम एवं नियंत्रण की तैयारियों एवं जीका से प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी दी।

अपर सचिव भारत शासन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग मनोज झालानी ने नियंत्रण कार्यों के प्रोटोकॉल से अवगत कराया। उन्होंने प्रदेश में कार्यरत केन्द्र सरकार एवं एनसीडीसी के अधिकारियों के विस्तृत तकनीकी कार्य के बारे में भी अवगत कराया। चूंकि वर्तमान में एक से अधिक शहर में संक्रमण पाया गया है, इस पर नियंत्रण करने की कार्य-योजना की विस्तृत समीक्षा की जा रही है।

बैठक में मुख्य सचिव बी.पी. सिंह, श्रीमती गौरी सिंह, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन एवं आवास, आयुक्त स्वास्थ्य, आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं आवास, आयुक्त जनसंपर्क, आयुक्त नगर निगम, संचालक एनसीडीसी नई दिल्ली एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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