मुंबई ने चेन्नई में हराया सुपरकिंग्स को

चेन्नई। कल आईपीएल का 44वां मैच एम ए चिदंबरम स्टेडियम चेन्नई में मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच खेला गया। जहां मुंबई ने चेन्नई को 46 रनों से हरा दिया। इस मैच में सुरेश रैना कप्तानी कर रहे थे। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी मुंबई की टीम ने 20 ओवरों में 155 रन बनाए। लग रहा था चेन्नई इस छोटे लक्ष्य को हासिल कर लेगी। लेकिन ऐसा हुआ नहीं मुंबई के गेंदबाजों ने चेन्नई को टिककर नहीं खेलने दिया। और पूरी टीम 109 रनों पर ऑल आऊट हो गई।

Krunal Pandya left the middle order reeling with two back-to-back wickets

चेन्नई जब 34 रन पर तीन विकेट गंवा चुकी थी तब क्रीज पर केदार जाधव आए। जाधव भी चेन्नई की पिच पर अपना जादू नहीं चला पाए। वह भी कु्रणाल पांड्या की गेंद पर बोल्ड हो गए। चेन्नई की टीम में शामिल किए गए नए बल्लेबाज धु्रव शौरी भी मात्र पांच रन पर अंकूल राय का शिकार हो गए। अंकूल राय भी मुंबई की तरफ से अपना पहला मैच खेल रहे थे। चेन्नई की कमर तब टूट गई जब 12वें ओवर में मुरली विजय भी चलते बने। मुरली ने 35 गेंदों में तीन चौके और एक छक्के की मदद से 38 रन बनाए।

ड्वेन ब्रावो और मिशेल सेंटनर ने कुछ हद तक टीम का स्कोर आगे बढ़ाने की कोशिश की। लेकिन जैसे ही 16वें ओवर में ब्रावो का विकेट गिरा। इसके बाद विकेटों की कतार लग गई। दीपक चहर 0, हरभजन 1 पर चलते बने। सेंटनर ने 20 गेंदों में दो छक्कों की मदद से 22 रन तो जरूर बनाए लेकिन वह अपनी टीम को जीत नहीं दिला पाए।

It once again was Deepak Chahar who drew first blood in the powerplay, getting rid of Quinton de Kock

इससे पहले रोहित शर्मा ने आईपीएल के वर्तमान सत्र में अपना पहला अर्धशतक जमाया लेकिन चेन्नई सुपरकिंग्स ने इसके बावजूद अपनी कसी हुई गेंदबाजी के दम पर मुंबई इंडियन्स को शुक्रवार को यहां चार विकेट पर 155 रन ही बनाने दिए। रोहित ने 48 गेंदों पर छह चौकों और तीन छक्कों की मदद से 67 रन बनाये और इस बीच इर्विन लुईस (32) के साथ तीसरे विकेट के लिये 75 रन जोड़े लेकिन चेन्नई के गेंदबाजों विशेषकर स्पिनरों ने बल्लेबाजों को खुलकर नहीं खेलने दिया। बाएं हाथ के स्पिनर मिशेल सैंटनर मुंबई के सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने चार ओवर में 13 रन देकर दो विकेट लिए।

इमरान ताहिर और दीपक चाहर ने एक एक विकेट लिया। महेंद्र सिंह धोनी बुखार के कारण दूसरे मैच में नहीं खेल पाए जबकि रविंद्र जडेजा 2012 में चेन्नई से जुडऩे के बाद पहली बार मैदान पर नहीं उतरे। स्वाभाविक था कि सुरेश रैना की अगुवाई में टीम कुछ नए स्वरूप के साथ खेल रही थी। रैना ने चेन्नई के टास जीतने के क्रम को बरकरार रखा और दीपक चाहर ने तीसरे ओवर में क्विंटन डिकाक (15) को विकेटकीपर अंबाती रायुडु के हाथों कैच कराकर मुंबई को शुरू में ही करारा झटका दिया, लेकिन इसके बाद चेन्नई को अगले विकेट के लिये 13वें ओवर तक इंतजार करना पड़ा।

It was down to Hardik Pandya once again to provide the final flourish, lifting MI to 155 with a knock of 23 off 18 balls

चाहर के अगले ओवर में तीन चौके लगे लेकिन तब भी मुंबई पावरप्ले तक 45 रन तक ही पहुंच पाया। इसकी वजह हरभजन सिंह (चार ओवर में 23 रन) थे जिन्होंने पावरप्ले में किए गए तीन ओवर में केवल नौ रन दिए लेकिन उनके आखिरी ओवर में रोहित ने डीप मिडविकेट और लॉन्ग ऑन पर छक्के जड़कर उनका गेंदबाजी विश्लेषण आकर्षक नहीं रहने दिया। रोहित ने 13वें ओवर में 37 गेंदों का सामना करके इस सत्र का पहला अर्धशतक पूरा किया जिससे मुंबई भी तिहरे अंक में पहुंचा लेकिन इससे पहले सैंटनर के इस ओवर में लुईस ने सीमा रेखा पर कैच थमा दिया था। उनका स्थान लेने के लिए उतरे क्रुणाल पंड्या (01) ने भी इमरान ताहिर पर गलत टाइमिंग से शाट खेलकर अपना विकेट गंवाया।

Rohit Sharma - thus far having an underwhelming season - was in his elements right from the start. He was particularly harsh on the spinners - Harbhajan and Tahir.

पंद्रह ओवर तक स्कोर 105 रन तक ही पहुंच पाया। इसके बाद रोहित ने ताहिर पर दो चौके और एक छक्का लगाया लेकिन सैंटनर ने अगले ओवर में उन्हें पवेलियन भेज दिया। इसके बाद हार्दिक पंड्या (नाबाद 23) और कीरोन पोलार्ड (नाबाद 13) क्रीज पर थे लेकिन अगले दो ओवर में केवल सात रन बने। आखिरी दो ओवर में 27 रन बनने से टीम 150 रन के पार पहुंच पाई।

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