महिला थाना: दहेज में मांगे पांच लाख…नहीं दिए तो विवाहिता पर किए जुल्मों सितम

भोपाल। दहेज प्रथा एक सामाजिक बीमारी है जो की आज कल समाज में काफी रफ़्तार पकडे गति कर रहा है। ये हमारे जीवन के मकसद को छोटा कर देने वाला प्रथा है। पिछले कुछ वक्त से शहर के हर थाने में सबसे अधिक मुकदमे दहेज प्रताड़ना के सामने आए हैं। लालची लोगों के लिए यह एक नई मानसिकता बनी है कि पैसा आना चाहिए, चाहे जैसे आए। इसलिए बहुतों के लिए दहेज मानो पैसा उगाहने की प्रथा बन गई है। त्रासदी यह कि दहेज सहित बहू के घर आ जाने के बाद भी ‘वसूली’ जारी रहती है। बेटी की खुशी के लिए उसके मायके वाले तरह-तरह की मांगें पूरी करते हुए थक जाते हैं, पर मांगे खत्म नहीं होतीं, और एक दिन वह भी आता है, जब कोई मांग पूरी न होने पर, बेटी को प्रताड़ित किया जाता है या उसकी बलि चढ़ा दी जाती है। ऐसा ही एक मामला कल महिला थाने में सामने आया जहां एक विवाहित को दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

jansamparklife.com को मिली जानकारी के अनुसार, 25 वर्षीय रूचि गुर्जर 36 काकड़ा अभिनव होम्स अयोध्या बायपास पर रहती है। महिला की शादी मार्च 2018 में मनोज गुर्जर के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही पति मनोज गुर्जर, मोना, बेनीप्रसाद और कविता मायके से दहेज में 5 लाख रूपए कैश की मांग कर रहे हैं। जब महिला ने मायके से दहेज लाने से मना कर दिया तो लालची पति और ससुराल वालों ने उस पर सितम करना शुरू कर दिया। वह लोग आए दिन उसके साथ मारपीट, गालीगलौज और और उसे मानसिक रूप से परेशान करने लगे।

रोज रोज की प्रताड़ना से तंग आकर महिला कल महिला थाने पहुंची और रिपोर्ट लिखवाई। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर पति मनोज गुर्जर, मोना, बेनीप्रसाद और कविता के खिलाफ धारा 498ए, 34, 3/4 के तहत दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

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