महिला उत्पीड़न पर वोट मांगने की कोशिश में साध्वी प्रज्ञा

भोपाल। सियासी दल के लोग वोट पाने के लिए क्या क्या हथकंडे अपनाते हैं यह बात किसी से छुपी नहीं है। हाल ही में लोकसभा चुनाव की सबसे हाईप्रोफाइल सीट भोपाल से भाजपा उम्मीदवार साध्वी ने भी कुछ ऐसा ही किया। सबसे पहले प्रज्ञा ठाकुर ने मंगलवार को नामांकन भरा। प्रज्ञा ने सोमवारा में अपनी पहली चुनावी सभा की। इसके बाद रोड शो निकाला। प्रज्ञा ने सभा में कहा कि मुझे झूठे केस में फंसाकर जेल में अलग-अलग तरह से प्रताड़ित किया गया। मैं महिला उत्पीड़न का प्रत्यक्ष प्रमाण हूं। उन्होंने सोमवार को भी शुभ मुहूर्त देखकर नामांकन का पहला सेट दाखिल किया था।

जनसभा के दौरान प्रज्ञा ने कहा- जब सनातन संस्कृति पर हमला होता है तो संतों को आगे आना पड़ता है। इसलिए मैं भोपाल से चुनाव लड़ रही हूं। उन्होनें कांग्रेस पर भगवा को आतंकवाद कहा कहने का आरोप लगाया। हिंदुत्व विकास का पर्याय है। ऐसे में मैं हिंदुओं की तकलीफों को जानती हूं और उनकी सुरक्षा के लिए कड़ा कानून लाने के लिए जो करना पड़े, वो करूंगी। साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने सोमवार को शुभ मुहूर्त में दो सेट नामांकन दाखिल किए थे। इस दौरान 11 पंडितों ने स्वस्तिवाचन किया था।

प्रज्ञा के रोड शो में शामिल हुए हजारों साधु-संत और नेता
रैली में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व प्रदेश संगठन प्रभारी डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धेप्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा, मौजूदा सांसद आलोक संजर, पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता के साथ ही संतों में महामंडलेश्वर परमानंद गिरी, अखिलेश्वरानंद, स्वामी हरिहरानंद, सुरेश्वरानद, साध्वी मेत्री हेमानंद चंद्रमादास महाराज मौजूद रहे। प्रज्ञा की सभा और रोड शो में शामिल होने आए अधिकांश लोग केसरिया रंग के कपड़े पहने थे और नेता भगवा साफा बांधे हुए थे। रोड शो में शामिल होने के लिए हजारों साधु प्रदेश के कई स्थानों से आए थे। रोड शो के चलते पुराने भोपाल में ट्रैफिक जाम हो गया।

प्रज्ञा के चुनाव रोकने पर याचिका दाखिल
मालेगांव ब्लास्ट की मुख्य आरोपी साध्वी प्रज्ञा के चुनाव लड़ने पर रोक लगाए जाने को लेकर याचिका दाखिल की गई थी। इस पर एनआईए ने अपना जवाब दाखिल कर दिया है। एजेंसी ने कहा है कि यह मामला चुनाव आयोग से संबंधित है। यह हमारे अधिकार क्षेत्र से बाहर है।

प्रज्ञा ठाकुर ने याचिका पर कहा- यह राजनीति से प्रेरित है। यह केवल पब्लिसिटी स्टंट के लिए किया गया काम है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट का समय बर्बाद किया है। उस पर जुर्माना लगाकर याचिका को खारिज कर दिया जाना चाहिए।

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