मप्र: हर एक मंत्री को 3 विधायकों को खिलाने-पिलाने और मौज-मस्ती की ज़िम्मेदारी, नाथ ने भरी बात में हामी

भोपाल: मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सदन में स्वीकार किया कि प्रत्येक मंत्री को पार्टी के तीन विधायकों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नेता प्रतिपक्ष, गोपाल भार्गव ने कहा कि ‘एक मंत्री को 3-3 विधायक सम्भालने का,  उनको खिलाने का, पिलाने का, उन को सुलाने का दायित्व मिला है।’

बयान पर आपत्ति जताते हुए पंचायत मंत्री कमलेश्वर पटेल ने मांग की कि इस तरह की टिप्पणी को कार्यवाही से हटा दिया जाना चाहिए। कांग्रेस के अन्य विधायक भी खड़े हो गए और उन्होंने भार्गव की टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह विधायकों का अपमान है। भार्गव ने यह भी कहा कि यह विचित्र था कि इस सरकार में सभी मंत्रियों को कैबिनेट का दर्जा दिया गया है। यह शायद इतिहास में पहली बार है कि इस तरह का निर्णय लिया गया है।

एक संक्षिप्त अराजकता के बाद, नाथ ने खड़े होकर जवाब दिया कि यदि उनके सभी मंत्री कैबिनेट की स्थिति के लायक हैं, तो क्या कोई कारण है कि उन्हें दूसरों की सलाह लेनी चाहिए। नाथ ने कहा कि ‘खिलाने, पिलाने’ शब्द से विधायकों का अपमान होता है, लेकिन नाथ ने यह भी स्वीकार किया कि हर एक मंत्री को प्रत्येक 3 विधायकों की जिम्मेदारी दी गई हैं, लेकिन यह सिर्फ इसलिए क्योंकि विधायको को सदन की कार्यवाही आदि के बारे में प्रशिक्षित करना था।

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