मप्र: नाबालिग को भगाकर ले जाने वाले को तीन साल की कैद

मंदसौर। विशेष न्यायालय न्यायाधीश निशा गुप्ता की अदालत ने मंगलवार को नाबालिग को भगाकर ले जाने और अश्लील हरकत करने के आरोप में आरोपित को तीन साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा उसकी मदद करने वाली महिला को भी तीन साल की सजा से दंडित किया गया है। साथ ही आरोपितों को तीन हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।

अभियोजन मीडिया प्रभारी नितेश कृष्णन ने बताया की 23 सितंबर 2014 को 12 बजे पीडिता के माता-पिता खेत पर काम करने गए थे, तब पीडि़ता अपने घर पर अकेली थी। पास में रहने वाली नंदुबाई पति पप्पू आड, नि. बुढा पीड़िता के पास आयी और बोली की नाहरगढ़ का रहने वाला बबलु पिता गुलाम रसुल, निवासी नाहरगढ़ मेरे घर पर बैठा। उसके साथ चली जा। जब पीड़ि़ता ने बबलु के साथ जाने से मना करा तो नवाई ने पीडि़ता को उसके मात-पिता को जान से खत्म करने की धमकी दी और बबलु को उसके घर पर बुलाकर पीड़ि़ता को जबरदस्ती मोटर सायकिल पर बेटा दिया और बबलु पीडि़ता को भादवामाता धर्मशाला ले गया, जहां पर कमरा न मिलने पर पीड़ि़ता को सुनसान जगह ले गए और पीड़ि़ता के साथ उसकी मर्जी के बिना गलत काम करने के इरादे से अश्लील हरकत की।

पीडि़ता के चिल्लाने पर वहां पर लोग आ गए ओर पीडिता के छुड़ाया और पुलिस को कर मौके पर बुलाया। पुलिस थाना नारायणगढ़ के द्वारा पीडि़ता की रिपोर्ट से अपराध के 309 2014, धारा 363,366, 511,120-बी भादवि व धारा 8.7 पास्को एक्ट में अपराध पंजीबद्ध किया गया। प्रकरण के संचालन में अभियोजन की ओर से रखे गए तक व तथ्यों से संतुष्ट न्यायालय विशेष न्यायाधीश पास्को एक्ट निशा गुप्ता द्वारा आरोपित को नाबालिग के साथ हरकत करने व मदद करने के आरोप में महिला नंदुबाई को दोषी मानते हुए पारा 363 भादवि में जुर्माना 1 धारा 366-के भादवि में 3 साल कारावास व 1000 रुपये में 3 साल कारावास व 3000 रुपये जुर्माना से दंडित किया है।

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