मप्र: जिस बच्चे के लिए घर बेचना पड़ा उसने किया UPSC में 93वा रैंक हासिल

इंदौर: गरीबी लाचारी और मजबूरी को जन्म तो देती हैं लेकिन साथ ही देती हैं हिम्मत कुछ कर गुजरने की , कुछ बड़ा बनने की, पढ़ने-लिखने की, अपनो के लिए नाम कमाने की। एक ऐसी हैं कहानी हैं प्रदीप की जोकि मध्यप्रदेश के इंदौर में रहता हैं। प्रदीप के पिता 1992 में मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में आये और पेट्रोल पंप पर नौकरी करने लगे। आज दिनांक तक वो पेट्रोल पंप पर ही नौकरी कर रहे हैं लेकिन अब उनके दिन बदलने वाले हैं केवल उनके बेटे प्रदीप की वजह से। बता दे कि प्रदीप को IAS बनना था जिसके लिए प्रदीप की पिता ने अपना घर भी बेच दिया और प्रदीप को पढ़ाई लिखाई करवाने में कोई ख़सर नही छोड़ी। प्रदीप दिल्ली में रहकर IAS की तैयारी करने लगा और आज यह दिन हैं कि प्रदीप ने पहली बार मे ही UPSC में पूरे भारत मे 93वी रैंक हासिल कर देश मे अपना नाम रोशन कर दिया।

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