मप्र: छेड़छाड़ से तंग आकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने लगाई फांसी

अनूपपुर। नगर के भालूमाड़ा थानांतर्गत एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने शुक्रवार—शनिवार की दरमियानी रात को फांसी लगाकर जान दे दी। शनिवार को सुबह जब घर के सदस्यों ने चाय के लिए घर का दरवाजा खटखटाया तो अंदर से कोई आवाज नहीं आई। जोर से कुंडा खटखटाने पर मां के साथ सोयी बेटी की आंखे खुली तो अपनी मां को फांसी के फंदे पर झूलता पाया। घटना की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को परिजनों ने शव नहीं उतारने दिया। साथ ही पुलिस की कार्रवाई पर विरोध जताया। लेकिन पडोसियों ने समझाते हुए शव को नीचे उतरवाया।

मिली जानकारी के अनुसार, 38 वर्षीय साधना विश्वकर्मा पति प्रदीप विश्वकर्मा जमुना कॉलरी राठौर दफाई में रहती थी। महिला वार्ड क्रमांक 2 में सहायिका के पद पर काम करती थीं। महिला ने शुक्रवार—शनिवार की दरमियानी रात को घर में फांसी लगाकर जान दे दी। घटना स्थल से पुलिस को महिला द्वारा लिखा एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। जिसमें महिला ने लिखा था कि मेरी मौत का जिम्मेदार बृजेश अहिरवार है, और इसमें किसी का कोई हाथ नहीं है। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम उपरांत परिजनों को सौंप दिया।

परिजनों का आरोप है कि पड़ोस का ही रहने वाला बृजेश अहिरवार साधना विश्वकर्मा और उसके छोटी बेटी को लगातार तंग करता आ रहा है। इसकी शिकायत चंद दिनों पहले 4 अप्रैल को थाना भालूमाड़ा में दर्ज कराई गई थी। लेकिन पुलिस ने मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। जिसके कारण बृजेश अहिरवार जमानत पर छूट गया और वह फिर से साधना विश्वकर्मा और उसके परिवार को परेशान करने लगा। परिजनों का आरोप है कि महिला के शिकायत पर समय रहते भालूमाडा पुलिस मामले की तह तक जाती तो शायद यह घटना नहीं होती।

उनका आरोप है कि पुलिस पैसे और नेताओं के दबाव में जा कर सामान सी धारा लगा कर आरोपी को बरी कराने में सहभागी बनी है। जिसका नतीजा यह हुआ कि आरोपी ब्रजेश आए दिन उस महिला को प्रताडि़त करता था। महिला की बेटी पर गलत नियत रखता था। इस मामले में महिला पहले तो थाने में शिकायत करनी चाही, जहां 3 दिनों तक शिकायत दर्ज नहीं की गई थी। 3 दिन बाद शिकायत दर्ज की गई पर कार्रवाई नहीं होने पर महिला ने अनूपपुर पुलिस अधीक्षक एवं कलेक्टर के पास भी शिकायत दी थी। लेकिन वहां से भी कुछ नहीं हुआ, जिसके बाद आरोपी के आए दिन प्रताडऩा से तंग आकर महिला ने खुदकुशी कर ली। परिजनों का अरोप है कि पूरे मामले में जमुना कॉलरी के एक स्थानीय श्रमिक नेता और एक महिला का भी नाम सामने आ रहा है। फिलहाल पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है।

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