मप्र: खनिज विभाग की लापरवाही के चलते खनन माफियाओं के हौंसले बुलंद

खंडवा। जिले कई वर्षों से खनन माफियाओं द्वारा प्राकृतिक संपदाओं पर खनन का जोर बढ़ता ही जा रहा है। जिले के नागचुन स्थित पहाड़ पिछले कुछ सालों में सिमट कर रह गए हैं। कई पहाड़ गायब हैं तो कई गड्ढे दीवार नुमा नजर रहे हैं। कई स्थानों पर पहाड़ इस कदर काटे गए हैं कि अब मात्र गुंबद ही दिख रहे हैं। इसके बाद भी विभाग के अधिकारी अवैध खनन को रोकने का नाम नहीं ले पा रहे हैं।

प्रत्‍यक्षदर्शियों के अनुसार, पहाड़ों में देर रात ब्लास्टिंग और सुबह उठते ही पत्थरों को सप्लाई की जा रही है। पहाड़ पर अवैध खनन कर ले जाने की जानकारी सरकारी नुमाइंदों को होने के बावजूद कार्यवाही नहीं हो पा रही। इस संबंध में शिवसेना प्रमुख गणेश भावसार ने हिस को बताया कि नागचुन स्थित पहाड़ों पर अवैध खनन करने वाले माफिया के हौसले इस कदर बढ़ गए हैं कि वे जेसीबी से पेड़ों को उखड़वाकर पहाड़ की जमीन खाली कर रहे हैं और फिर पहाड़ों को काटकर मिट्टी व मुरूम निकाल रहे हैं। इन पर किसी की कोई रोक टोक नहीं है। पहाड़ों पर मुरूम खनन अकरम भाई और नजीर मोहम्मद पिता नूर मोहम्मद के नाम से जमीन है जिस पर अवैध तरीके से लाखों करोड़ों रुपए का खनन किया जा रहा है।

विभाग बीते कई महीनों से अधिकारी विहीन है। पूरा विभाग सिर्फ एक माइनिंग इंस्पेक्टर के भरोसे चल रहा है। माइनिंग इंस्पेक्टर स्वयं को शासकीय कार्यों में व्यस्त बताते हैं। यही वजह है कि अवैध खनन के मामलों में खनिज विभाग द्वारा भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है, हालांकि अवैध खनन के मामलों में कार्रवाई करने का अधिकारी पुलिस, एसडीएम और तहसीलदार को भी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं करता है।

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