मप्र: कांग्रेस विधायक मेड़ा ने दिया इस्तीफा, कमलनाथ ने मनाया तो शिवराज ने साधा निशाना

भोपाल। लोकसभा चुनाव के चलते नेताओं का पार्टियों में शामिल होने और पार्टियों से इस्तीफा देने का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार से नाराज चल रहे धार जिले के धरमपुरी से कांग्रेस विधायक पांचीलाल मेड़ा ने शुक्रवार को पार्टी से त्यागपत्र दे दिया। जब वे भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पहुंचे, तो राज्य सरकार के दो मंत्रियों ने उन्हें घेर लिया और बंद कमरे में मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात कराई। बताया जा रहा है कि कमलनाथ ने उन्हें मना लिया है। इस घटनाक्रम के दौरान कांग्रेस में हड़कम्प मचा रहा।

विधायक पांचीलाल मेड़ा ने त्यागपत्र में लिखा है कि शराब की दुकान और ठेकेदारों के अभद्र व्यवहार की पुलिस से शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से वे दुखी हैं। इसीलिए इस्तीफा दे रहे हैं। उन्होंने खुद की जान को खतरा बताते हुए मुख्यमंत्री से मिलकर इसकी चर्चा करने की बात कही है। विधायक का कहना है कि स्कूल के पास बनीं शराब की दो दुकानों को हटाने के लिए उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की थी। इसकी शिकायत पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से भी की। उनका आरोप है कि शराब माफियाओं की वजह से पुलिस ने उन्हें चार घंटे तक थाने में रखा। कांग्रेस की सरकार होने के बाद भी उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। इससे आहत होकर इस्तीफा मुख्यमंत्री को भेजा है।

मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में मेड़ा ने कहा है, मैं और मेरे कार्यकर्ताओं के खिलाफ शासकीय शराब दुकान के ठेकेदार धामनोद एवं सुंद्रेल ने अभद्र व्यवहार एवं जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। मेरे खिलाफ षड्यंत्र रचा गया, जिसमें मैं बहुत आहत हुआ हूं। जिला प्रशासन ने भी कोई सहयोग नहीं किया है। संबंधित के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने शराब की दुकान को हटाने के साथ धार के अतिरिक्त जिला अधिकारी राधेश्याम राय को हटाने की मांग की है। विधायक ने कहा कि मेरे एवं पार्टी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ लिखी गई रिपोर्ट को वापस लिया जाए। इसके अलावा मेरे खिलाफ थाना धामनोद जिला धार में नारेबाजी और गाली गलौज करने वालों की वीडियो फुटेज से जांच कर उन पर कार्रवाई की जाए। इस घटनाक्रम से मुझे बहुत मानसिक पीड़ा पहुंची है।

उन्होंने कहा है कि विधायक पद से मेरा इस्तीफा स्वीकार किया जाए या दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके बाद नाराज विधायक शुक्रवार को भोपाल पहुंचे और मीडिया को सम्बोधित कर रहे थे। इस बीच कमलनाथ कैबिनेट के दो मंत्री बाला बच्चन और प्रद्युमन सिंह तोमर उन्हें मनाने के लिए पहुंच गए और विधायक को मीडिया से बात करने से रोकते हुए उन्हें लेकर मानस भवन पहुंचे, जहां बंद कमरे में सीएम कमलनाथ से उनकी बात कराई। कमलनाथ ने मेड़ा से इस्तीफा देने की वजह पूछी और उन्हें मनाया। कमलनाथ ने ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जिसके बाद मेड़ा मान गए और इस्तीफा नहीं देने पर राजी हो गए।

आधे घंटे बाद बाहर निकले विधायक और सीएम आदिवासी विकास परिसद के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए एक साथ रवाना हो गए। इस मामले में प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता और मीडिया प्रभारी केके मिश्रा का कहना है कि विधायक पांचीलाल मेड़ा बहुत ही सौम्य और सरल स्वभाव के व्यक्ति हैं। उन्होंने इतना बढ़ा कदम उठाया है, मुख्यमंत्री कमलनाथ उस पर त्वरित एक्शन लेते हुए विचार करेंगे और उसका हल निकालेंगे। इधर, मामले को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट पर लिखा है कि ‘कमलनाथ सरकार का असली चेहरा जनता के सामने आ गया है।

पहले शराब की बिक्री बढ़ाने के लिए नया नियम लागू कर दिया और अब शराब माफिया को बचाने के लिए आंख-कान दोनों बंद कर लिया है। जनता सबक सिखाएगी।’ वहीं, रमेश मैंदोला ने ट्वीट किया है कि कांग्रेस के ही विधायक का आरोप है कि एमपी की कांग्रेस सरकार शराब माफिया के हाथ में खेल रही हैं। सरकार से गुस्साए विधायक इस्तीफा देने पहुंचे तो मंत्री उन्हें खींचकर ले गए। सरकार पर है शराब माफिया का दबाव क्या कांग्रेस चाहती थी यही बदलाव?

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