मप्र: एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या करने वाले आरोपी को फांसी की सजा

ग्वालियर। भिंड जिला न्यायालय के द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश एमएल राठौर ने 13-14 मई 2016 की दरम्यानी रात बीरेन्द्रनगर में ही एक ही परिवार के पांच सदस्यों की नृसंश हत्या को जघन्य अपराध मानते हुए आरोपित ट्यूटर अंकुर दीक्षित के खिलाफ फांसी की सजा सुनाई है। न्यायालय ने मंगलवार को इस हत्याकांड को जघन्य से जघन्यतम माना है। सजा सुनते ही अंकुर दीक्षित फफक पड़ा। फैसले के बाद उसे वापस जेल ले जाया गया है। जिला लोक अभियोजक प्रवीण दीक्षित ने बताया है कि 13-14 मई 2016 को रीना शुक्ला पत्नी शशिकांत शुक्ला (40) बेटी छवि (12) महिमा पुत्री वेदप्रकाश शुक्ला (17) अंबिका पुत्री बृजमोहन (15) गोलू पुत्र रामकुमार (15) की एक साथ एक ही घर में धारदार हथियार का उपयोग करके हत्या कर दी गई थी।

इस मामले में कोतवाली पुलिस ने रीना के घर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने आ रहे अंकुर दीक्षित निवासी गोविंदनगर भिंड को दोषी मानकर हत्या का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने पड़ोस में एक घूड़े से हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद भी किया था। घटना को लेकर पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश किया और अब द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश एमएल राठौर की कोर्ट ने मंगलवार को अंकुर को जघन्यतम हत्याकांड के लिए दोषी करार दिया है।

मृतका रीना से प्रेम प्रसंग चल रहा था
अंकुर का मृतका रीना शुक्ला और अंकुर दीक्षित के बीच प्रेम प्रसंग था। इसके ही चलते घटना वाली रात वह अपने घर से रीना के पास आ गया था। घटना वाले रोज रीना की बेटी के अलावा परिवार की दो अन्य बेटियां और किशोर गोलू भी घर पर रुका हुआ था। चूंकि गोलू ने अंकुर को आपत्तिजनक अवस्था में देख लिया, इसलिए वह चिल्ला पड़ा। इसके चलते ही अंकुर ने सबसे पहले गोलू की गला दबाकर हत्या कर दी थी। इसके बाद एक-एक करके चार अन्य लोगों को मौत के घाट उतार दिया। अंकुर ने सबसे आखिर में रीना के गले पर चाकू का प्रहार करके हत्या की थी। कांग्रेस ने बनाई थी विधायकों की कमेटी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस ने तीन विधायकों की जांच कमेटी भी बनाई थी। इन विधायकों ने मौके पर आकर जांच की थी और तत्कालीन भाजपा सरकार को आड़े हाथ भी लिया था।

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