मप्र: अफसरों की विदेश यात्रा बैन, विपक्ष के हंगामे के बाद फिलहाल टला फैसला

मध्यप्रदेश के अफसरों की विदेश यात्रा पर ब्रेक लगने जा रहा है हालांकि विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह का कहना है कि विधानसभा में अफसर को तो जवाब देना नहीं होता है, इसलिए उन पर अवमानना जैसी कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती हैं। मुख्यमंत्री ही सत्र के दौरान अफसरों की विदेश यात्रा पर रोक लगा सकते हैं।

इधर, विधानसभा में सुबह हुई कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में विधानसभा की नियम समिति द्वारा लाए गए प्रस्ताव पर चर्चा हुई, जिसके अनुसार विधायक गर्भगृह में जाता है तो उसका उस दिन की कार्रवाई से निलंबन कर दिया जाएगा। इसका पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने विरोध किया। इस नियम में यह भी प्रावधान है कि आसंदी चाहे तो विधायक का पूरे सत्र के लिए निलंबन किया जा सकता है।

भार्गव का कहना था कि यह विधायक के अधिकारों का हनन है। वह विरोध दर्ज सदन में नहीं करेगा तो क्या बाहर करेगा। उनका कहना था कि यह व्यवस्था संसद में नहीं है तो इसे यहां क्यों लागू किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में रमन सरकार ने इसे लागू किया था तो उसका हाल सबने देख लिया। यहां यह व्यवस्था लागू होती है तो कमलनाथ सरकार का भी यही हाल होगा। इसके बाद इस प्रस्ताव को फिलहाल टाल दिया गया है। बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि बजट बुधवार को सदन में पेश किया जाएगा। सदन की कार्रवाई 20 व 21 जुलाई को शनिवार और रविवार को भी चलेगी।

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