मध्य प्रदेश का यह सरकारी अफसर अपने सरनेम से परेशान, ट्वीट कर अपने अधिकारी पर कसा तंज

मध्य प्रदेश के एक सरकारी अफसर के ट्वीट ने मध्य प्रदेश के अधिकारियों के बीच अच्छा खासा बवाल मचा दिया है। ट्वीट करने वाले अधिकारी का नाम नियाज अहमद खान है और वह लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में उप सचिव हैं। उन्होंने कहा है कि 17 साल की नौकरी में मेरे 10 जिलों में 19 ट्रांसफर हुए। मुझे हमेशा जर्मन यहूदी की तरह अछूत महसूस कराया गया। खान सरनेम भूत की तरह मेरे पीछे पड़ा है।
दरअसल, नियाज अहमद खान ने अपने ही विभाग के प्रमुख सचिव विवेक अग्रवाल के व्यवहार से दुखी होकर यह ट्वीट किया है। विभाग की बैठक में अग्रवाल ने किसी मामले में नियाज अहमद से जवाब मांगा तो उन्होंने कहा कि विभागाध्यक्ष ने जानकारी नहीं दी है।

इस पर अग्रवाल ने पूछा कि जानकारी कैसे मांगी थी तो नियाज अहमद ने कहा कि फोन पर बात करके। इसके बाद अग्रवाल और नियाज अहमद में गरमागरम बहस होने लगी। अग्रवाल ने नाराज होकर नियाज को गेट आउट कह दिया। नियाज उठकर चले गए और पूरे मामले की शिकायत मुख्य सचिव को कर दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर ट्वीट भी पोस्ट किया।

उल्लेखनीय है कि नियाज अहमद खान अब तक पांच पुस्तकें लिख चुके हैं। उनका अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम और बॉलीवुड अभिनेत्री मोनिका बेदी की लव स्टोरी पर आधारित उपन्यास काफी चर्चा में रही था। उन्होंने तीन तलाक पर भी उपन्यास लिखा था। इसके बाद मुस्लिम समाज में भी उनका विरोध हुआ था। गुना में ओडीएफ घोटाला उजागर करने के बाद शिवराज सरकार ने उन्हें मंत्रालय में पदस्थ कर दिया था। उन्हें अब तक सरकारी आवास भी आवंटित नहीं हुआ है।

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