भोपाल सीट हारने के बाद भी दिग्विजय की दादागिरी से परेशान मंत्री, दीपक बाबरिया ने दिल्ली भेजी विवाद की रिपोर्ट

भोपाल। मध्य प्रदेश की सत्ता पर विराजमान कांग्रेस में छिड़े गृह युद्ध की सब खेर-खबर दिल्ली की दीवारों पर भी अब गूंज रही हैं। राज्य के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और वर्तमान वनमंत्री उमंग सिंघार के बीच जारी विवाद पर एमपी कांग्रेस के प्रभारी दीपक बाबरिया ने रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट के मुताबिक दिग्विजय सिंह द्वारा काम का हिसाब मांगा जाना कुछ मंत्रियों को नागवार गुजरा है। मंत्री इस जवाबदेही से खुद को असहज महसूस कर रहे हैं। मामले की सम्पूर्ण जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश के वन मंत्री उमंग सिंघार ने दिग्विजय सिंह को सबके सामने ब्लैकमेलर घोषित कर दिया था। बताया जा रहा है कि पार्टी आलाकमान इस बयान पर सख्त नाराज है। राज्य प्रभारी दीपक बावरिया ने भी रिपोर्ट में माना है कि उनके उमंग के बयान से पार्टी की छवि को नुकसान हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक उमंग इस बयानबाजी से बच सकते थे।
इससे पहले यह भी खबर आई थी ज्योतिरादित्य सिंधिया मंत्री उमंग सिंघार के समर्थन में उतर आए हैं। सिंधिया ने सरकार चलाने में बाहरी हस्तक्षेप को गैरवाजिब ठहराया था। सिंधिया ने कहा था कि सीएम को इस मामले में पहल कर दोनों पक्षों को सुनकर निपटारा करना चाहिए। सीएम का ये दायित्व है कि वे इस विवाद को निपटाएं। आपको बता दे कि कांग्रेस के बीच यह गुट बाज़ी कोई आज कल की बात नही हैं बल्कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस का हाल ऐसा हैं जैसा बहुत समूह के लोग एक साथ आकर कोई सौदे पर चल रहे हो। इस टकराव से साफ स्प्ष्ट होता हैं कि बहुत से मंत्रियों को दिग्विजय का सरकार में दखलन्दाजी करना नागवार गुज़र रहा हैं जिसपर दिग्विजय को भी ज़रा सा सोच विचार करना चाहिए कि ना वो भोपाल सीट बचा पाए और ना ही कोई पद पर स्थापित हैं फिर वे किस हक से सीना तान के सरकार में दखलन्दाजी कर रहे हैं? अब जब दिल्ली दूर तक बात तलक गयी हैं तो निश्चित ही कोई निष्कर्ष की आशा जल्दी ही सबके मन मे उतपन्न हुई हैं।

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