भोपाल: आईजी के ओहदे से देशमुख की रुख़्सती कर, कटियार के बाज़ुओं पर लादा भार!!

Anam ibrahim

आदर्श कटियार शहर की नफ़्ज़ को छूते ही, बता सकते है भोपाल सुरक्षा व्यवस्था के हाल

जनसम्पर्क-life

राजधानी में IPS पोस्टिंग के पहले एसएसपी थे आदर्श कटियार!!!

मध्यप्रदेश भोपाल: पुलिस मुख्यालय में वैसे तो सीनियर्स IPS की प्रदेश भर में फैली-पसरी लंबी सूची शुमार है कोई काम कर के नाम को तरसता है तो कोई नाम कमाने के लिए काम को तरसता है।

भोपाल: सुरक्षा की नफ़्ज़ के पूर्व हक़ीम रह चुके आदर्श कटियार का नाता राजधानी की सुरक्षा में ऐतेहासिक दर्ज़ है, वजह कटियार के बाज़ुओं पर उस वक़्त राजधानी की सुरक्षा को लादा गया था जब शहर से SP के क़िरदार का वज़ूद दोहरे पायदान पर क़दम जमा रहा था, ये उन दिनों की बात है जब मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के बढ़ते क्षेत्रफ़ल में लोगो की बढ़ती तादात के बीच अपराधो में भी इज़ाफ़ा हो चुका था ठीक उसी तरह जैसे IPS ऑफिसर्स की तादात मैदानी कप्तान व लूप लाइन में पड़े आईपीएस की संख्या को पार कर चुकी थी, उसी दौरान भोपाल शहर में पहले SSP के तौर पर आदर्श कटियार ने जुम्मेदारी संभाली थी। मुझे अच्छे से याद है कि कटियार के एसएसपी भोपाल रहते हुए बहुत बड़े-बड़े नामचीन अपराध तो गुज़रे थे लेकिन वक़्त पर ही उनके ख़ुलासे भी हो गए थे लेकिन राजधानी में एक हत्या का चर्चित मामला ऐसा भी गुज़रा जिसका वाक़िया कटियार की भोपाल पुलिसिंग के इतिहास में दर्ज़ है, जिस सनसनीखेज़, अंधे क़त्ल का मुद्दई गवाह गुज़रा हुआ वक़्त है। खैर वो अँधे क़त्ल का मामला, राजधानी की आरटीआई एक्टिविस्ट शेहला मसूद के दिनदहाड़े हुए क़त्ल का है। 2009 सर्दी के मौसम में लंच की जगह ब्रंच ही पेट को भा रहा था, मंगलवार जनसुनवाई का दिन था मौसम में मौसिक़ी भिखरी पड़ी थी, एसएसपी आदर्श कटियार चाय की चुस्कियों के साथ इत्मीनान से फरियादियों के आवेदनों पर नज़र दौड़ा रहे थे अचानक फ़ोन की घण्टी बजी और कटियार संजीदा होकर खड़े हो बाहर निकलने लगे तभी चाय का प्याला टेबल पर रख मैंने पूछा सर क्या हुआ अचानक? जिसपर एसएसपी के लबो से निकला गोली चली हैं शाहनवाज़ हॉस्पिटल के पास, फिर क्या था एसएसपी के तेज़ भागते वाहन के पीछे मैंने अपना वाहन लगा दिया। मौक़ा-ए-वारदात पर थाना पुलिस से पहले ही एसएसपी पहुँच गए, बाद में DGP से लेकर कई पुलिस अफ़सर भी घटना स्थल के इर्दगिर्द नज़र आने लगे। बहरहाल आदर्श कटियार योगेश चौधरी की तरह ईमानदार, संतोष सिंह की तरह चौकन्ने, डॉ शैलेन्द्र श्रीवास्तव की तरह माइंडेड और रमन सिंह सिकरवार की तरह हिकमत अमली व डी श्रीनिवास वर्मा की तरह सूझबूझ की पुलिसिंग का फ़न रखते है। जनसम्पर्क-life आदर्श कटियार को मिली नई जुम्मेदारी का इस्तक़बाल करता है।

Related posts