भोपाल। ताजुल मसाजिद परिसर में लगने वाले अवैध बाजार पर लगा प्रतिबंध!!!!

“फिरदोस अंसारी”

जनसम्पर्क-life

इस वर्ष नहीं लग सकेगा इज्तिमे के नाम पर अब मेला।

भोपाल: मध्यप्रदेश के साथ भोपाल नगर का भी तब्लीगी इज़्तिमा विश्व भर को हमारी निवासी भूमि में समेट लाता है।

इज़्तिमा के नाम पर पिछले कई वर्षों से यह बाजार ताजुल मसाजिद परिसर में भरता रहा है। गौरतलब है कि आलिमि तब्लीगी इज़्तिमा ताजुल मसाजिद मस्जिद में लगता रहा था, जिसमे दुनिया भर के लोग शामिल होते रहते थर । श्रद्धालुओ की लगातार बढ़ती संख्या के चलते और जगह की कमी के कारण ईंटखेड़ी में इज्तिमा के लिए जगह चिन्हित की जा चुकी है, जहाँ हर वर्ष लाखो की संख्या में दुनिया भर से श्रद्धालु पहुँचते है। लेकिन उस तब्लीग़ी इज़्तिमे के नाप पर ताजुल मसजिद परिसर में बाजार हर वर्ष भरता रहा, जिसका तब्लीग़ी इज़्तिमे और इस्लाम धर्म से कोई लेना देना ही नही है। भोपाल में यह इज्तेमा 3 से 4 दिन का होता है, इसी समय पर ताजुल मसजिद परिसर में दुकाने आवंटित कर दी जाती है जो 3 से 4 माह तक रहती है।

अस्थाई बाजार से होने वाली परेशानिया।

ताजुल मसाजिद परिसर में अधिकतर गर्म कपड़ों की दुकानें होती है साथ ही खान पान की दुकान भी इधर सजती है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर यहा स्थानीय पुलिस के अलावा कुछ नज़र नही आता। दुकाने सजने के बाद बाजार तंग गलियो में तब्दील हो जाता है और बहार की आम सड़कें भी सुकड़ जाती है, जिसमे भारी भीड़ रेंगती नज़र आती है, ऐसे में यदि आग लग जाए या कोई अनचाही अनहोनी हो तो उसे काबू करना आसान बात नही होती।।

पार्किंग की भी समस्या

मेला बाजार में आने वाले लोग सड़क किनारे वाहन पार्क करते है।।

– क्षेत्रीय नेता अपने रसूक के चलते अपने लोगो को यहाँ खड़ा कर देते है जो मन माने ढंग से वसूली करना शुरू करदेते थे, बावजूद इसके यहां जाम की स्थिति लगातार बनती रहती थी।।
– सब से अहम शौचालय की व्यवस्था न होना और असमाजिक तत्वों का जमावड़ा। मस्जिद परिसर में लगने वाला मेला असामाजिक तत्वो का गढ़ बन जाता है, जो कृत्य इनके द्वारा परिसर में किए जाते है उसे लिखा नही जा सकता। शौच की पर्याप्त व्यवस्था नही होने के कारण लोग आस पास गंदगी करने से परहेज़ नही करते। जिसके कारण इलाके में गंदगी और बदबू फैल जाती है।

इस पूरे मामले को मुस्लिम मदद गाह ने गंभीरता से लेते हुए इसकी रोकथाम के लिए जिला व पुलिस प्रशासन से इसकी शिकायत की थी। जिसके बाद एडीएम में नोटिस जारी कर मस्जिद परिसर में मेला बाजार लगाए जाने पर रोक लगा दी है।
आगे भी पढ़िए इस्लामिक इदारों सामाजिक समस्याओं की हक़ीक़त उधेड़ते जनसंपर्क life के ख़ुलासे।

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