बिहार में भयानक रेल हादसा: सीमांचल एक्सप्रेस के 11 डिब्बे पटरी से उतरे, 13 मरे

हाजीपुर। बिहार के वैशाली जिले में आज सुबह एक बड़ा ट्रेन हादसा हो गया है। बिहार के जोगबनी से दिल्ली आनंद विहार टर्मिनल जाने वाली सीमांचल एक्सप्रेस के 11 डिब्बे पटरी से उतर गए। बचाव दल ने 13 शव अबतक निकाले हैं जबकि 25 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। दर्जनों लोग अभी भी डिब्बों के अन्दर फंसे हैं। प्रशासनिक स्तर पर सात यात्रियों के मौत की पुष्टि की गई है। रेलवे ने मृतक के परिजनों को 5 लाख और गंभीर रूप से घायलों को 1 लाख मुआवजा और मामूली घायल को 50 हजार मुआवजा देने की घोषणा की है। बेपटरी हुए 11 डिब्बों में से तीन डिब्बे पलट गए और एक एसी कोच बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है जिसकी खिडकियों को तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला गया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रेलमंत्री पियूष गोयल, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी और बिहार के राज्यपाल लालजी टंडन व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हादसे पर शोक जताया है। वहीं रेलवे ने घटना की जांच का आदेश भी दे दिया हैं। प्रारंभिक कारण में पटरी टूटे होने के कारण हादसे की आशंका व्यक्त की गयी है। रेलवे का हेल्प लाइन नंबर जारी कर दिया गया।

घटना पूर्व मध्य रेल में सोनपुर मंडल अंतर्गत हाजीपुर बछवारा रेल खंड के सहदेई बुजुर्ग स्टेशन के निकट हुई। हादसा सुबह 3:58 बजे हुई है। घटना के समय पूरी रफ्तार से ट्रेन हाजीपुर की तरफ आ रही थी। सहदेई आउटर के निकट अचानक एसी बोगियों सहित 11 डिब्बे पटरी से उतर कर पलट गए। भीषण हादसे की आवाज और यात्रियों की चीख पुकार सुन बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने घटनास्थल पहुंचकर राहत बचाव कार्य शुरू किया। घटना की सूचना मिलते ही रेल प्रशासन भी सक्रिय हुआ और सोनपुर से डॉक्टरों की टीम घटनास्थल पर गई। सोनपुर के डीआरएम के साथ साथ पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक सहित बड़ी संख्या में आला अधिकारी घटनास्थल तक पहुंचे। वैशाली के डीएम, एसपी सहित अन्य अधिकारी भी घटनास्थल पहुंचकर राहत बचाव का मोर्चा संभाला लिया है।

इस दुखद घटना का सबसे दुखद पक्ष यह रहा कि जिला मुख्यालय से कुछ किलोमीटर की दूरी पर ही हुए हादसे के बाद रेलवे के अधिकारियों और बचाव दल को पहुंचने में 2 घंटे से अधिक का समय लगा। 4 घंटे बाद भी बोगियों के अंदर फंसे यात्रियों को निकाला नहीं जा सका। सबसे अधिक मुश्किल एसी बोगी की थी। एसी बोगी बोगी का शीशा तोड़कर अंदर से यात्रियों को निकालने का प्रयास चल रहा है। हजारों की संख्या में स्थानीय लोगों ने मदद के लिए हर संभव प्रयास किए। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें बचाव कार्य में लगी हुई है। प्रशासनिक स्तर पर सात यात्रियों के मौत की पुष्टि की गई है, लेकिन एनडीआरएफ के जवानों ने मीडिया कर्मियों को जानकारी दी है कि 25 से अधिक यात्रियों की मौतें हुई हैं। राहत बचाव कार्य जारी है।

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