बिना फिटनेस बीआरटीएस में नहीं दौड़ सकेंगी स्कूल बसें

भोपाल। भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (बीसीएलएल) ने भले ही स्कूल बसों को बीआरटीएस कॉरिडोर में चलाने की अनुमति दे दी हो, लेकिन कॉरिडोर में कितनी बसें दौड़ सकेगी, इसको लेकर संकट खड़ा हो गया है। क्योंकि भोपाल में 1800 स्कूल बसों में से एक फीसदी बसें भी ऐसी नहीं हैं, जो कि कॉरिडोर में चलने वाले मापदंड को पूरा कर सकें। भोपाल जागरूक पोर्टल के अनुसार केवल 47 स्कूल बसें ही कॉरिडोर में दौड़ने की शर्तें पूरी करती हैं। जबकि अन्य में कोई न कोई कमी है।

गौरतलब है कि स्कूल बस एसोसिएशन भी बसों को सुविधाओं से लैस करने डेढ़ साल से समय बढ़ा रहा है। भोपाल जागरूक पोर्टल में 111 स्कूलों ने बसों की जानकारी अपलोड की थी और पोर्टल ने सभी सुविधाओं से लैस केवल 47 बसों को ही सर्टिफिकेट जारी किए थे। अप्रैल-मई 2017 में स्कूल बसों की जांच के लिए अभियान चलाया गया था। 50 से ज्यादा स्कूल बसों की जांच की गई, उस समय बसों की हकीकत ने अभिभावकों को सकते में ला दिया था। ज्यादातर बसों में न जीपीएस थे न सीसीटीवी कैमरे। यहां तक की स्पीड गवर्नर तक उनमें नहीं थे। इन स्कूलों में सागर पब्लिक स्कूल सहित कई अन्य स्कूलों की बसें शामिल थीं। इसके अलावा कुछ स्कूलों की बसें एकदम कंडम हालत में थीं। वहीं एडीएम दिशा नागवंशी ने कार्रवाई के बाद इन स्कूल बसों पर कार्रवाई करने के लिए आरटीओ को निर्देश भी दिए थे, लेकिन उस वक्त तब मामला ठंडा पड़ गया, जब बसों को सुविधा लैस करने स्कूल बस संचालक एसोसिएशन ने दो माह की मोहलत ली थी। क्योंकि तब से अब तक न बसें सुविधा संपन्न हुई और न ही फिट। मामले में स्कूल-कॉलेज बस ऑनर्स एसोसिएशन के सुनील दुबे का कहना है कि अब जल्द ही बीआरटीएस कॉरिडोर में स्कूल बसें दौड़ सकेंगी।

इससे स्कूलों तक बच्चों को पहुंचाने वाले समय में कमी आएगी और हादसे भी रुकेंगे। जिले की सभी सुविधाओं से लैस हैं। उधर हेडक्वार्टर भोपाल, एडीएम दिशा नागवंशी का कहना है कि बीआरटीएस कॉरिडोर में स्कूल बसें तभी दौड़ेंगी जब वे तय मानकों को पूरा करेंगी। बच्चों की सुरक्षा प्रशासन की मुख्य जिम्मेदारी है। इससे समझौता नहीं किया जाएगा।

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